Sunny Deol Fees: बॉलीवुड के दमदार अभिनेता सनी देओल ने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दी हैं, लेकिन बॉर्डर और गदर एक प्रेम कथा आज भी उनकी सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में गिनी जाती हैं। देशभक्ति, भावनाओं और दमदार संवादों से भरपूर इन दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ सफलता हासिल की थी।
साल 1997 में रिलीज हुई ‘बॉर्डर’ भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित युद्ध आधारित फिल्मों में से एक रही। निर्देशक जेपी दत्ता की इस फिल्म में सनी देओल ने मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी का किरदार निभाया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म के लिए सनी देओल को लगभग 1.2 करोड़ रुपये फीस दी गई थी। उस दौर में यह एक बड़ी रकम मानी जाती थी। खास बात यह रही कि फिल्म की स्टारकास्ट में सबसे ज्यादा फीस सनी देओल को ही मिली थी।
चार साल बाद 2001 में रिलीज हुई गदर: एक प्रेम कथा ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया। निर्देशक अनिल शर्मा की इस फिल्म में सनी देओल ने तारा सिंह का किरदार निभाया, जिसे आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय किरदारों में गिना जाता है। बताया जाता है कि ‘गदर’ के लिए सनी देओल को करीब 4.5 करोड़ रुपये फीस मिली थी। यह रकम ‘बॉर्डर’ की फीस से लगभग तीन गुना ज्यादा थी।
बॉक्स ऑफिस आंकड़ों की बात करें तो ‘बॉर्डर’ का बजट लगभग 10 करोड़ रुपये था और इसने दुनियाभर में करीब 55 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। वहीं ‘गदर: एक प्रेम कथा’ का बजट करीब 18 करोड़ रुपये था, लेकिन इसकी कमाई ने सभी को चौंका दिया। फिल्म ने विश्वभर में लगभग 132 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर उस दौर के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
‘बॉर्डर’ और ‘गदर’ सिर्फ सफल फिल्में नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की ऐसी क्लासिक फिल्में हैं जिन्हें आज भी दर्शक बड़े चाव से देखते हैं। एक तरफ ‘बॉर्डर’ ने देशभक्ति की भावना को पर्दे पर जीवंत किया, तो दूसरी ओर ‘गदर’ ने प्रेम, जुनून और देशप्रेम की कहानी से करोड़ों दिल जीत लिए। अगर फीस की बात करें तो सनी देओल ने ‘गदर’ के लिए ‘बॉर्डर’ से कहीं ज्यादा रकम वसूली थी, जो उस समय बॉलीवुड के सबसे बड़े भुगतान में से एक मानी जाती थी।