एस पी बालासुब्रमण्यम  (फाइल फोटो)
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एक दिन में गाए 21 गाने, हिंदी सिनेमा में भी जमाया रंग, एसपी बालासुब्रह्मण्यम के 10 यादगार गीत

SP Balasubrahmanyam National Award: फेमस प्लेबैक सिंगर एस पी बालासुब्रमण्यम की 6वीं पुण्यतिथि पर जानिए उनकी जिंदगी, पढ़ाई छोड़कर संगीत अपनाने के सफर और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से जुड़े खास किस्से।

यति सिंह

SP Balasubrahmanyam Death Anniversary: भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी जादुई आवाज से दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाले फेमस सिंगर एस पी बालासुब्रमण्यम की आज छठी पुण्यतिथि है। 4 जून 1946 को जन्मे इस अजीम फनकार ने संगीत की दुनिया में जो मुकाम हासिल किया, वह हर किसी के बस की बात नहीं है। बहुत कम लोग जानते हैं कि वे एक पेशवर सिंगर बनने से पहले इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। हालांकि संगीत के प्रति उनके जुनून उन्हें कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया।

पढ़ाई छोड़ने के बाद एस पी बालासुब्रमण्यम ने हार नहीं मानी और स्थानीय संगीत प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू कर दिया। उनकी अथक मेहनत और लगन रंग लाई जब 15 दिसंबर 1966 को उन्हें तेलुगु फिल्म 'श्री श्री श्री मर्यादा रामन्ना' में पहला ब्रेक मिला। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और पार्श्व गायन के साथ-साथ एक्टिंग, म्यूजिक डायरेक्शन और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

पहली हिंदी फिल्म से बनाया अनोखा रिकॉर्ड

साउथ सिनेमा में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद जब उन्होंने साल 1981 में फिल्म 'एक दूजे के लिए' से बॉलीवुड में कदम रखा, तो रिकॉर्ड बना दिया। अपने करियर के पहले ही हिंदी गाने के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक का नेशनल फिल्म अवॉर्ड से नवाजा गया। इसके बाद 80 और 90 के दशक में वे बॉलीवुड एक्टर सलमान खान की ऑफिशियल आवाज बन गए।

'मैंने प्यार किया', संजय दत्त और माधुरी दीक्षित की फिल्म 'साजन' और 'हम आपके हैं कौन' जैसी सुपरहिट फिल्मों में उनकी आवाज का जादू ऐसा चला कि हर गाना चार्टबस्टर साबित हुआ। उनके नाम एक ही दिन में सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने का रिकॉर्ड भी बनाया है। उन्होंने एक ही दिन के अंदर कन्नड़ में 21 गाने, तमिल में 19 गाने और हिंदी भाषा में 16 गाने रिकॉर्ड करके पूरी इंडस्ट्री को हैरान कर दिया था।

एस पी बालासुब्रमण्यम

40 हजार गानों के साथ दर्ज किया गिनीज बुक में नाम

अपने 5 दशक लंबे सुनहरे करियर में उन्होंने 16 भारतीय भाषाओं में 40,000 से भी ज्यादा गाने गाए, जिसके लिए उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। उन्हें अलग-अलग भाषाओं में बेहतरीन गायकी के लिए कुल 6 बार नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। कला और संगीत के क्षेत्र में उनके अहम योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें साल 2001 में पद्म श्री और साल 2011 में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा।

25 सितंबर 2020 को यह महान सिंगर दुनिया को अलविदा कह गया, लेकिन 'दिल दीवाना', 'पहला पहला प्यार है', 'बहुत प्यार करते हैं' और 'साथिया तूने क्या किया' जैसे उनके अमर गीत आज भी हर पीढ़ी के संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं।

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