Sonu Sood Vande Bharat Journey: आज के समय में बॉलीवुड में एक बड़ा मुकाम हासिल कर चुके एक्टर सोनू सूद ने हाल ही में इंडियन रेलवे की आधुनिक पहचान बन चुकी 'वंदे भारत ट्रेन' में यात्रा की। इस आधुनिक और तेज रफ्तार ट्रेन के आरामदायक यात्रा ने सोनू सूद को उनके जीवन के उस दौर की याद दिला दी, जब वे एक आम इंसान की तरह आंखों में बड़े सपने लिए पहली बार मुंबई आ रहे थे।
सालों पहले के उस संघर्ष और आज की आधुनिक सुविधाओं के बीच के बड़े अंतर को देखकर सोनू सूद काफी भावुक हो गए। उन्होंने इस बदलाव के लिए रेल मंत्रालय और इंडियन रेलवे का आभार व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसने देखते ही देखते इंटरनेट पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
इस सफर के दौरान अभिनेता सोनू सूद ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि जब वे पहली बार एक्टर बनने का सपना लेकर नागपुर से मुंबई के लिए निकले थे, तब परिस्थितियां बिल्कुल अलग थीं। उस समय ट्रेनों में आज जैसी आधुनिक सुविधाएं नहीं हुआ करती थीं और सफर बेहद कठिन होता था। सोनू सूद ने पुराने दिनों का एक दिलचस्प किस्सा शेयर करते हुए बताया कि 'उस दौर में कई बार यात्री ट्रेन के फर्श पर लंबे कंप्यूटर पेपर बिछाकर सो जाया करते थे। सोनू सूद के अनुसार, वह सफर भले ही मुश्किलों से भरा था, लेकिन दिल में कुछ कर दिखाने का जो जज्बा और सपनों का जोश था, वह हर परेशानी पर भारी पड़ जाता था।'
इस वीडियो में सोनू सूद इंडियन रेलवे में पिछले कुछ सालों में हुए अभूतपूर्व बदलावों की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज ट्रेनों की दशा और दिशा दोनों में काफी सुधार देखने को मिलता है। अभिनेता ने विशेष रूप से वंदे भारत ट्रेन की विश्वस्तरीय सुविधाओं, मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, रेल कर्मचारियों के सहयोगात्मक व्यवहार और यात्रियों को दी जाने वाली समग्र सर्विस की तारीफ की। सोनू सूद के अनुसार इंडियन रेलवे ने समय के साथ एक लंबा और सफल सफर तय किया है, जिससे आम जनता के यात्रा अनुभव में काफी सुधार आया है।
अभिनेता सोनू सूद द्वारा इंडियन रेलवे की तारीफ किए जाने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के बीच विचारों का मतभेद उभरकर सामने आ गए। जहां कई लोगों ने सोनू सूद की बात का समर्थन किया, वहीं एक बड़े वर्ग ने उन्हें जमीनी हकीकत की याद दिलाई।
एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि 'वीआईपी ट्रीटमेंट में हमेशा सब कुछ अच्छा ही लगता है, अभिनेता को कभी बिना किसी विशेष सुविधा के एक आम आदमी की तरह सफर करके देखना चाहिए।' वहीं अन्य उपयोगकर्ताओं ने भी कहा कि 'सोनू सूद एक बार बिना वातानुकूलित सामान्य श्रेणी के डिब्बे में यात्रा करें, तब उन्हें उन वास्तविक हालातों का अंदाजा होगा जिससे देश का आम नागरिक रोज जूझता है।