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रणवीर सिंह की फिल्म 'प्रलय' की शूटिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
महाराष्ट्र सरकार के स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट ने आजाद मैदान में छह घंटे की शूटिंग की अनुमति दी थी।
शूटिंग के कारण अंडर-14 और अंडर-16 के इंटर-स्कूल क्रिकेट मैच पोस्टपोन करने पड़े।
Ranveer Singh Pralay Shooting Controversy: रणवीर सिंह इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘प्रलय’ को लेकर चर्चा में हैं। ‘धुरंधर 2’ की शानदार सफलता के बाद एक्टर के इस नए प्रोजेक्ट से दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं। यह एक जॉम्बी सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म है, जिसकी कहानी मुंबई शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित होगी।
फिल्म में रणवीर सिंह के साथ कल्याणी प्रियदर्शन नजर आएंगी, जबकि इसका निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं। हालांकि, फिल्म की शूटिंग शुरू होने के साथ ही एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इसकी वजह मुंबई के आजाद मैदान में शूटिंग के लिए मिली परमिशन है, जिस पर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने कड़ी नाराजगी जताई है।
'मुंबई मिरर' की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार के स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट ने फिल्म 'प्रलय' के मेकर्स को मुंबई के आजाद मैदान में छह घंटे तक शूटिंग करने की अनुमति दी थी। इस फैसले से मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन नाराज है। MCA का आरोप है कि फिल्म की शूटिंग के कारण अंडर-14 और अंडर-16 इंटर-स्कूल क्रिकेट मैचों के शेड्यूल में बाधा आई। यहां तक कि पहले से तय मुकाबलों को पोस्टपोन करना पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, आजाद मैदान में फिल्म की शूटिंग की अनुमति मिलना अपने आप में एक खास मामला है, क्योंकि इससे पहले यहां इस तरह शूटिंग की परमिशन नहीं दी गई थी। इस फैसले के खिलाफ MCA ने स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
इस मामले पर MCA एपेक्स काउंसिल के सदस्य नदीम मेमन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिल्म की शूटिंग के लिए मैदान में बड़े-बड़े सेट लगाए गए और घास बिछाई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आजाद मैदान कोई फिल्म शूटिंग की जगह नहीं, बल्कि क्रिकेट का मैदान है, जहां युवा खिलाड़ी अपने खेल को बेहतर बनाते हैं और बड़े स्तर पर पहुंचने का सपना देखते हैं। नदीम मेमन के मुताबिक, शूटिंग की वजह से चल रहे टूर्नामेंट को टालना पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर सिंह की फिल्म की प्रोडक्शन टीम को शूटिंग के लिए कई शर्तों का पालन करना था। मेकर्स को क्रिकेट पिच पर गाड़ियां लाने, खाना पकाने, खुदाई करने या मैदान को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं थी। इसके अलावा पुलिस, ट्रैफिक विभाग और BMC से जरूरी मंजूरी लेने के साथ MCA का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना भी जरूरी था।