रजनीकांत, पंकज त्रिपाठी और नाना पाटेकर (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
मनोरंजन

नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए पंकज त्रिपाठी, बोले- ऐसा लग रहा है जैसे मैंने अपने एक गुरु को खो दिया

Pankaj Tripathi Tribute: नाना पाटेकर के निधन पर पंकज त्रिपाठी भावुक हो गए। काला में उनके साथ काम कर चुके पंकज ने नाना को अपना गुरु बताते हुए कहा कि उनसे अभिनय के फैसलों की कई बारीकियां सीखीं।

सोनाली झा

Pankaj Tripathi Reaction On Nana Patekar: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उनके साथ फिल्म ‘काला’ में स्क्रीन शेयर कर चुके अभिनेता पंकज त्रिपाठी भी नाना के निधन से बेहद दुखी हैं। उन्होंने अभिनेता को याद करते हुए कहा कि नाना का जाना उनके लिए सिर्फ एक सह-कलाकार को खोना नहीं, बल्कि एक गुरु को खोने जैसा है। पंकज ने नाना के साथ काम करने के अनुभव और उनसे मिली सीख को याद किया।

पंकज त्रिपाठी ने नाना पाटेकर के निधन को पूरे फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह नुकसान बेहद व्यक्तिगत है। फिल्म ‘काला’ में नाना के साथ काम करने का मौका उनके लिए खास अनुभव रहा और सेट पर उनके साथ बिताया समय हमेशा उनकी यादों में रहेगा। नाना सिर्फ उनके सह-कलाकार नहीं थे। वह अभिनय, जिंदगी से जुड़े फैसलों और एक्टिंग की छोटी-छोटी बारीकियों को समझने में भी उनका मार्गदर्शन करते थे।

उनकी बातें सुनकर बहुत कुछ सीखा

पंकज त्रिपाठी ने कहा कि नाना पाटेकर को देखकर और उनकी बातें सुनकर उन्होंने बहुत कुछ सीखा। अभिनेता के मार्गदर्शन ने उनके लिए काफी मायने रखा। यही वजह है कि नाना के निधन के बाद उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उन्होंने अपने एक गुरु को खो दिया है। उन्होंने कहा कि नाना की कमी हमेशा महसूस होगी, लेकिन उनकी सीख और उनका शानदार काम आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरित करता रहेगा।

हर किरदार में छोड़ जाते थे अपनी अलग छाप

पंकज ने नाना की अभिनय क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी सबसे खास बात यह थी कि वह किसी भी किरदार में पूरी तरह ढल जाते थे। इसके बावजूद वह हर भूमिका में अपनी एक अलग पहचान छोड़ते थे। उनका मानना है कि भारतीय सिनेमा में नाना का योगदान सिर्फ उनकी फिल्मों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कई कलाकारों के काम और अभिनय को देखने के नजरिए को भी प्रभावित किया।

ऐसा लग रहा है जैसे एक युग का अंत हो गया

नाना को श्रद्धांजलि देते हुए पंकज त्रिपाठी ने कहा कि उनके जाने से ऐसा लग रहा है जैसे एक युग का अंत हो गया। भारतीय सिनेमा ने अपनी अलग पहचान रखने वाली आवाज और बेहतरीन कलाकारों में से एक को खो दिया है। हालांकि, पंकज का मानना है कि नाना जैसे कलाकार कभी पूरी तरह हमसे दूर नहीं जाते। उनका काम, उनके किरदार और उनसे प्रेरणा लेने वाले कलाकार उन्हें हमेशा जिंदा रखेंगे। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

Indian Air Force Day: आसमान के जाबाजों को सलाम, जानिए 8 अक्टूबर 1932 को स्थापित भारतीय वायु सेना की गौरवगाथा

CEC ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, सर्च कमेटी पर नियमों की अनदेखी का आरोप

दिल्ली में सियासी लंच! बीजेपी का इंडिया गठबंधन पर जबरदस्त तंज, विपक्षी नेताओं को बताया गैर-जिम्मेदार

ISB के 25 साल पूरे, छात्रों के लिए 250 स्कॉलरशिप का ऐलान, देशभर में रिसर्च और फैकल्टी डेवलपमेंट पर जोर

CBI के 6 अधिकारियों पर होगी आपराधिक कार्रवाई, दिल्ली हाई कोर्ट के सामने दिया था झूठा बयान