नाना पाटेकर का पहला प्यार नहीं था सिनेमा, क्रिकेट के थे दीवाने, विराट कोहली के आउट होने पर नहीं खाते थे खाना

Nana Patekar Favorite Cricketer: नाना पाटेकर का पहला प्यार क्रिकेट था। बचपन में वह शिवाजी पार्क में बल्लेबाजों को अभ्यास करवाते थे। आर्थिक तंगी के कारण क्रिकेटर बनने का सपना पूरा नहीं हो सका।
Nana Patekar Cricket Love
विराट कोहली और नाना पाटेकर(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Nana Patekar Cricket Love: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। 75 साल की उम्र में नाना ने आखिरी सांस ली। गोवा स्थित उनके घर पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां सुबह 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। करीब पांच दशक तक सिनेमा में अपनी दमदार पहचान बनाने वाले नाना का एक दूसरा जुनून भी था और वह था क्रिकेट।

नाना पाटेकर ने करीब 11 साल पहले दिए एक इंटरव्यू में क्रिकेट को लेकर अपने प्यार का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि बचपन में वह अच्छे क्रिकेटर थे और ऑफ स्पिन गेंदबाजी किया करते थे। मुंबई के शिवाजी पार्क में अभ्यास करने वाले बल्लेबाजों को वह गेंदबाजी करवाते थे। क्रिकेट में आगे बढ़ने की उनकी इच्छा थी, लेकिन आर्थिक तंगी उनके रास्ते में बाधा बन गई। इसके बावजूद क्रिकेट के प्रति उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ।

भारत-पाकिस्तान मैच में टीवी से नहीं हटते थे

नाना पाटेकर ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हो तो वह टीवी से हटते नहीं थे। क्रिकेट मैचों को लेकर उनका उत्साह उम्र बढ़ने के साथ भी कम नहीं हुआ था। उन्होंने यहां तक कहा था कि अगर वह 10 दिन अभ्यास कर लें तो आज भी अच्छी ऑफ स्पिन गेंदबाजी कर सकते हैं।

Nana Patekar Cricket Love
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विराट कोहली थे नाना के फेवरेट क्रिकेटर

नाना पाटेकर ने भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को अपना पसंदीदा क्रिकेटर बताया था। उन्होंने कहा था कि विराट के जल्दी आउट होने पर उनका खाना खाने का भी मन नहीं करता। नाना का यह बयान बताता है कि वह सिर्फ क्रिकेट देखते ही नहीं थे, बल्कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन से इमोशनल रूप से भी जुड़े हुए थे।

Nana Patekar Struggle Story
नाना पाटेकर(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)

रंगमंच से सिनेमा तक बनाया खास मुकाम

1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुड में जन्मे विश्वनाथ पाटेकर यानी नाना पाटेकर ने रंगमंच से अभिनय की शुरुआत की थी। साल 1978 से शुरू हुआ उनका फिल्मी सफर करीब पांच दशक तक चला। परिंदा, तिरंगा, क्रांतिवीर, अंकुश, खामोशी, शक्ति, राजनीति, वेलकम और मराठी फिल्म नटसम्राट में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।

नाना पाटेकर को तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और चार फिल्मफेयर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। 2013 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया। अभिनय के साथ क्रिकेट के प्रति उनका जुनून भी उनकी जिंदगी का एक यादगार हिस्सा रहा, जिसे उनके फैंस हमेशा याद रखेंगे।

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