नाना पाटेकर और अमिताभ बच्चन  (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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गांव की जिंदगी पसंद करते थे नाना पाटेकर, अमिताभ बच्चन के सामने बताया था क्यों नहीं जाते थे पार्टियों में

Nana Patekar Life Quotes: नाना पाटेकर जिंदगी और मौत को लेकर बेहद बेबाक विचार रखते थे। नाना पाटेकर के पुराने वीडियो में वह मौत को अटल सत्य बताते हुए कहते नजर आए कि इंसान को एक दिन जाना है।

सोनाली झा

Nana Patekar Viral Video: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके पुराने इंटरव्यू और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में हैं। 75 साल की उम्र में उनके निधन की खबर ने फैंस और फिल्म इंडस्ट्री को झकझोर दिया। नाना अपने अभिनय के साथ-साथ जिंदगी को लेकर अपने बेबाक विचारों के लिए भी जाने जाते थे। वह मौत को लेकर भी ऐसी बातें खुलकर कहते थे, जिन्हें सुनकर हर कोई सोचने पर मजबूर हो जाता था।

नाना पाटेकर का एक पुराना वीडियो इन दिनों चर्चा में है, जिसमें वह जिंदगी और मौत के रिश्ते पर अपनी बात रखते नजर आते हैं। वीडियो में वह कहते हैं कि इंसान के जाने के बाद भी शरीर के कुछ अंग कुछ समय तक सक्रिय रहते हैं। इसके बाद वह बेहद सहज अंदाज में कहते हैं कि मौत शायद उस इंसान के लिए तोहफे जैसी हो जाती होगी, क्योंकि उसके बाद उसे दुनिया की किसी चीज की चिंता नहीं रहती। नाना के इन विचारों में उनकी जिंदगी को लेकर साफ सोच नजर आती थी। वह मौत को डर की तरह नहीं, बल्कि जीवन के अंतिम पड़ाव के तौर पर देखते थे।

मरते वक्त कम से कम गलतफहमी नहीं होनी चाहिए

एक अन्य वीडियो में नाना पाटेकर अपने खास अंदाज में अंतिम संस्कार को लेकर भी बात करते नजर आए थे। उन्होंने कहा था कि हर इंसान को एक दिन जाना है और अंत में कुछ भी साथ नहीं जाता। इसी दौरान उन्होंने लकड़ी और अंतिम संस्कार का जिक्र करते हुए ऐसा उदाहरण दिया, जिसने उनकी बेबाकी को दिखाया। अंतिम समय में उन्हें यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि लोगों की आंखों में आया पानी उनके लिए रोने की वजह से है।

स्टारडम से दूर गांव की जिंदगी थी पसंद

नाना पाटेकर की सादगी सिर्फ उनके विचारों में नहीं, बल्कि उनकी जीवनशैली में भी दिखाई देती थी। जून 2025 में ‘कौन बनेगा करोड़पति 17’ में अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने बताया था कि वह फिल्म इंडस्ट्री को अपनी पूरी जिंदगी नहीं मानते। नाना ने कहा था कि वह फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ काम करने आते हैं और फिर वापस चले जाते हैं।

नाना को पार्टियों में जाना या शहर में ज्यादा समय बिताना पसंद नहीं था। वह खुद को गांव का इंसान मानते थे और गांव की सादगी भरी जिंदगी उन्हें ज्यादा पसंद थी। नाना पाटेकर के ये विचार बताते हैं कि शोहरत और स्टारडम के बावजूद उन्होंने जिंदगी को बेहद सहज नजरिए से देखा। शायद यही बेबाकी उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती थी।

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