मलाइका अरोड़ा (सोर्सः सोशल मीडिया)  
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Malaika Arora On Trolling: अरबाज खान से तलाक के बाद तानों का करना पड़ा सामना, मलाइका ने तोड़ी चुप्पी

Malaika Arora Divorce: अरबाज खान से तलाक के बाद मलाइका अरोड़ा को समाज और परिवार के तानों का सामना करना पड़ा। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि महिलाओं के फैसलों को आज भी जज किया जाता है।

सोनाली झा

Arbaaz Khan Malaika Separation: बॉलीवुड एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा ने हाल ही के एक इंटरव्यू में तलाक और रिश्तों को लेकर अपन अनुभव शेयर की। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अभिनेता अरबाज खान से अलग होने और तलाक लेने का फैसला किया था, तब उन्हें सिर्फ बाहर की दुनिया ही नहीं, बल्कि अपने परिवार और करीबी लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा था। मलाइका का कहना है कि उस दौर में महिलाओं से जुड़े फैसलों को लेकर समाज आज जितना खुला नहीं था।

एक इंटरव्यू के दौरान मलाइका ने खुलासा किया कि उनके तलाक के फैसले पर लोगों ने उनके चरित्र, करियर और मां होने पर तक सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मेरे हर फैसले का विरोध हुआ। लोग यह समझने को तैयार नहीं थे कि कोई महिला अपनी खुशी को प्राथमिकता कैसे दे सकती है। मुझसे कहा गया कि शादी बचाने के लिए समझौता करना चाहिए, लेकिन उस समय मुझे लगा कि खुद के लिए खड़ा होना जरूरी है।

मलाइका अरोड़ा ने जाहिर की नाराजगी

मलाइका ने इस बात पर भी नाराजगी जाहिर की कि ऐसे सवाल पुरुषों से शायद ही कभी पूछे जाते हैं। उन्होंने कहा कि पितृसत्तात्मक समाज में पुरुषों को अपने फैसले लेने की आज़ादी है, लेकिन जब कोई महिला पारंपरिक ढांचे से बाहर जाकर जीवन चुनती है तो उसे आलोचना का सामना करना पड़ता है। उनके मुताबिक कि अगर कोई महिला अलग रास्ता चुनती है, तो तुरंत उसे जज किया जाने लगता है। लेकिन यही काम अगर कोई पुरुष करे, तो उसे सामान्य मान लिया जाता है।

मलाइका अरोड़ा ने शादी के बारे में की बात

हालांकि, तमाम आलोचनाओं के बावजूद मलाइका को अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने कहा कि उस वक्त उन्हें यह नहीं पता था कि आगे क्या होगा, लेकिन उन्हें यह जरूर पता था कि वह उस रिश्ते में खुश नहीं थीं। उनके लिए मानसिक शांति और आत्मसम्मान सबसे जरूरी था। शादी के बारे में बात करते हुए मलाइका अरोड़ा ने साफ किया कि उनका इस संस्था से भरोसा खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वह आज भी शादी में विश्वास रखती हैं, लेकिन इसे अपने जीवन की अनिवार्य शर्त नहीं मानतीं।

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