Kangana Ranaut regrets Statement on the Farmers Protest: बॉलीवुड एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार फिल्मों या राजनीति नहीं, बल्कि किसान आंदोलन के दौरान दिए गए उनके एक पुराने बयान को लेकर। यह वही मामला है, जिसमें उन्होंने किसान आंदोलन में शामिल एक बुजुर्ग महिला को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। अब बठिंडा कोर्ट में पेश होकर कंगना ने इस पर अपनी सफाई दी और कहा कि यह सब एक गलतफहमी के चलते हुआ था।
दरअसल, किसान आंदोलन के समय कंगना रनौत ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्होंने पंजाब के बठिंडा जिले के बहादुरगढ़ जांडिया गांव की रहने वाली 81 वर्षीय किसान महिला महिंदर कौर की फोटो को शाहीन बाग की बिलकिस बानो समझ लिया था। कंगना ने उस समय लिखा था कि इस तरह की महिलाएं 100 रुपए में धरने के लिए उपलब्ध रहती हैं। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और विवाद खड़ा हो गया।
इस टिप्पणी से आहत होकर महिंदर कौर ने कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया। इस मामले में पहले सुप्रीम कोर्ट और फिर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कंगना की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने केस को रद्द करने की मांग की थी। अब यह केस बठिंडा कोर्ट में चल रहा है। 27 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान कंगना कोर्ट में पेश हुईं।
कंगना रनौत ने अदालत में कहा कि यह सब एक गलतफहमी का परिणाम था। एक्ट्रेस ने कहा कि मैं सपने में भी इस तरह नहीं सोच सकती। मैंने किसी भी व्यक्ति विशेष को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की थी। मैंने सिर्फ एक वकील की पोस्ट को रिपोस्ट किया था। जो हुआ, वो एक मिसअंडरस्टैंडिंग थी और हमें उसका खेद है। कंगना ने इस दौरान अदालत में बेल बॉन्ड भी फर्निश किया।
कंगना रनौत ने माफी मांगते हुए कहा कि वह सभी मां-बहनों का सम्मान करती हैं। इस मामले की अगली सुनवाई अब 24 नवंबर को होगी। बता दें कि कंगना ने हाल ही में सांसद के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। हालांकि विवाद उनके करियर का हिस्सा हमेशा रहा है, लेकिन इस बार उन्होंने अपने बयान को लेकर पछतावा जताते हुए कहा कि वह किसी की भी भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहती थीं।