नाबालिग बेटी से दुष्कर्म सिध्द, ठाणे अदालत ने सुनाई व्यक्ति को 20 साल की सजा

Thane Court : ठाणे जिले की एक अदालत ने एक व्यक्ति को अपनी नाबालिग बेटी के साथ बार-बार बलात्कार करने और उसे गर्भवती करने के जुर्म में 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
नाबालिग बेटी से दुष्कर्म सिध्द
नाबालिग बेटी से दुष्कर्म सिध्द (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Thane Crime: महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने एक व्यक्ति को अपनी नाबालिग बेटी के साथ बार-बार बलात्कार करने और उसे गर्भवती करने के जुर्म में 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने यह आदेश 16 अक्टूबर को पारित किया था, जिसकी प्रति रविवार को उपलब्ध करायी गयी। न्यायाधीश ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और उस पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

विशेष सरकारी अधिवक्ता रेखा हिवराले ने बताया कि पीड़िता सहित अभियोजन पक्ष के 13 गवाहों ने अदालत के समक्ष गवाही दी। अक्टूबर 2021 में दर्ज मामले के विवरण के अनुसार, आरोपी (ऑटोरिक्शा चालक) ने अक्सर शराब के नशे में 15 वर्षीय बेटी का बार-बार यौन उत्पीड़न किया और उसे चाकू दिखाकर धमकाया। असफल प्रयास के बाद, आरोपी ने उसकी सहमति के बिना गर्भपात की व्यवस्था की और गर्भपात किए गए भ्रूण को एक सुनसान स्थान पर दफना दिया।

डीएनए विश्लेषण से पुष्टि

अदालत ने कहा कि पीड़िता ने जिरह के अंतिम चरण में यौन उत्पीड़न के संबंध में अपना बयान अचानक बदल दिया। अदालत ने इसे दबाव का नतीजा माना। अदालत ने कहा, "इससे साफ जाहिर होता है कि आरोपी और पीड़िता की मां ने उसे अपने पक्ष में कर लिया था, और आरोपी चूंकि उसका पिता है, इसलिए उसने अपना बयान बदल दिया है।" अदालत ने यह भी कहा कि डीएनए विश्लेषण से पुष्टि हुई है कि आरोपी और पीड़िता भ्रूण के जैविक माता-पिता थे।

पीड़िता को मुआवजा

अदालत ने कहा, "आरोपी के ये सभी कृत्य जघन्य हैं और पुष्टिकारी मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करके अभियोजन पक्ष ने साबित कर दिया है कि आरोपी ने लड़की का यौन उत्पीड़न किया था, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई।" न्यायाधीश ने निर्देश दिया है कि वसूले गए जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाए। पीड़िता को मुआवजा दिलाने के लिए मामला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), ठाणे को भेज दिया गया है।

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