जयकिशन (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
मनोरंजन

मेरा जूता है जापानी से जिंदगी एक सफर है सुहाना तक, जयकिशन की इन धुनों ने कई पीढ़ियों को बनाया अपना दीवाना

Jaikishan Career: महान संगीतकार जयकिशन को दुनिया से गए 55 साल हो चुके हैं, लेकिन उनकी धुनों का जादू आज भी कायम है। उन्होंने प्यार हुआ इकरार हुआ, मेरा जूता है जापानी और आवारा हूं जैसे सदाबहार गाने दिए।

सोनाली झा

Jaikishan Death Anniversary Special: हिंदी सिनेमा के दिग्गज संगीतकार जयकिशन 12 सितंबर 1971 को महज 41 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। जयकिशन को गुजरे 55 साल हो चुके हैं, लेकिन उनका संगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। प्यार हुआ इकरार हुआ, मेरा जूता है जापानी, आवारा हूं, ये मेरा प्रेम पत्र पढ़कर और जिंदगी एक सफर है सुहाना जैसे गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं।

जयकिशन दयाभाई पंचाल का जन्म 4 नवंबर 1929 को गुजरात के बांसदा में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव संगीत की ओर था। उन्होंने संगीत की बाकायदा ट्रेनिंग ली और हारमोनियम पर भी उनकी अच्छी पकड़ थी। संगीत के जुनून में वह मुंबई पहुंचे, लेकिन यहां उन्हें शुरुआत में काफी संघर्ष करना पड़ा। अपने शुरुआती दिनों में उन्होंने एक फैक्ट्री में काम भी किया और फिल्म इंडस्ट्री में मौके की तलाश जारी रखी।

शंकर से मुलाकात ने बदली जिंदगी

जयकिशन की जिंदगी में बड़ा बदलाव तब आया, जब उनकी मुलाकात शंकर से हुई। दोनों की दोस्ती जल्द ही संगीत की साझेदारी में बदल गई। शंकर ने जयकिशन की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें पृथ्वी थिएटर में हारमोनियम बजाने का मौका दिलाया। यहीं दोनों ने साथ काम किया। पृथ्वी थिएटर के दौरान राज कपूर की नजर भी इस जोड़ी की प्रतिभा पर पड़ी। दोनों ने पहले फिल्म आग में संगीतकार राम गांगुली के सहायक के तौर पर काम किया। इसके बाद 1949 में आई बरसात ने शंकर-जयकिशन की किस्मत बदल दी।

राज कपूर के साथ दिए यादगार गाने

बरसात की सफलता के बाद शंकर-जयकिशन हिंदी सिनेमा के बड़े संगीतकारों में शामिल हो गए। आवारा, श्री 420, चोरी चोरी, अनाड़ी, संगम, सूरज, ब्रह्मचारी और मेरा नाम जोकर जैसी फिल्मों में उनकी धुनों ने खूब लोकप्रियता हासिल की। राज कपूर के साथ उनकी जोड़ी ने खास तौर पर कई यादगार गीत दिए। मेरा जूता है जापानी ने देश के साथ विदेशों में भी लोकप्रियता हासिल की, जबकि प्यार हुआ इकरार हुआ आज भी हिंदी सिनेमा के रोमांटिक गीतों में गिना जाता है।

नौ बार मिला फिल्मफेयर अवॉर्ड

शंकर-जयकिशन की जोड़ी ने सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के लिए नौ फिल्मफेयर पुरस्कार जीते। दोनों की खासियत यह थी कि कई बार अलग-अलग धुन तैयार करने के बावजूद उन्होंने यह सार्वजनिक नहीं किया कि कौन-सी धुन किसने बनाई है। उनकी पहचान हमेशा एक जोड़ी के तौर पर रही। 12 सितंबर 1971 को लिवर सिरोसिस के कारण जयकिशन का निधन हो गया। उनके जाने के बाद भी शंकर ने संगीत का सफर जारी रखा।

BRICS Summit 2026 LIVE: चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग आज आएंगे भारत, शाम 5.45 बजे PM मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक

Elephant Madhuri Return: वनतारा से कोल्हापुर लौटेगी माधुरी, वापसी से पहले किए गए खास इंतजाम

DUSU Election 2026: चुनावी रण में 6 महिलाएं, 4 पदों के लिए चुनाव; यूनिवर्सिटी प्रशासन की तैयारी पूरी

मोदी ने बताया BRICS की ताकत, पुतिन ने G7 पर साधा निशाना...बिजनेस फोरम में संबोधन की 10 बड़ी बातें

BRICS Business Forum की फैमिली फोटो में शामिल हुए PM मोदी, वैश्विक मंच पर दिखी एकजुटता