Jaideep Ahlawat Journey: अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 3’ इन दिनों चर्चा में है। फिल्म में अजय के साथ अभिनेता जयदीप अहलावत भी अहम भूमिका में नजर आ रहे हैं। फिल्म देखने के बाद कई दर्शक जयदीप की परफॉर्मेंस की तारीफ कर रहे हैं। हालांकि, आज अपनी दमदार एक्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले जयदीप अहलावत का सफर आसान नहीं रहा है। एक समय ऐसा भी था, जब वह खुद को निकम्मा समझने लगे थे।
जयदीप अहलावत का जन्म 8 फरवरी 1980 को हरियाणा के रोहतक जिले के खरकरा गांव में हुआ था। उनके पिता दयानंद अहलावत स्कूल टीचर थे, जबकि उनकी मां फिजिकल एजुकेशन टीचर थीं। जयदीप की पढ़ाई गांव में ही हुई और उनका बचपन भी वहीं बीता। गांव के अपने दिनों को याद करते हुए अभिनेता ने एक बातचीत में बताया था कि उन्होंने वहां बेहद साधारण जिंदगी जी है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह गांव में अपने हाथों से गोबर उठाया करते थे। उनके मुताबिक, गांव का जीवन कठिन जरूर था, लेकिन उससे उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला।
जयदीप अहलावत को बचपन से ही खेलों में काफी दिलचस्पी थी। मां के स्पोर्ट्स टीचर होने की वजह से वह अलग-अलग खेलों के करीब रहे और खूब प्रैक्टिस भी की। वहीं, पिता के कारण उनका साहित्य से भी जुड़ाव रहा। हालांकि, करियर को लेकर एक समय वह काफी परेशान थे। वह अपने माता-पिता की तरह शिक्षक बनना चाहते थे। उन्होंने NDA, CDS और SSB जैसी परीक्षाएं भी कई बार दीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। करीब 2000 के आसपास उन्होंने जूनियर बेसिक टीचर का कोर्स किया, मगर इंटरव्यू के दौरान उनका मन इस नौकरी में नहीं लगा। इसी दौर में उन्होंने खुद निकम्मा समझना शुरू कर दिया था।
बाद में जयदीप ने थिएटर का रुख किया। करीब दो-तीन साल तक थिएटर करने के बाद उन्होंने पुणे स्थित FTII में दाखिला लिया और एक्टिंग की बारीकियां सीखीं। यहीं से उनके अभिनय के सफर को नई दिशा मिली। जयदीप ने 2010 में खट्टा मीठा से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद कमांडो, विश्वरूपम, गब्बर इज बैक और रईस जैसी फिल्मों में काम किया। 2018 की राजी से उन्हें खास पहचान मिली।
OTT पर पाताल लोक में हाथीराम चौधरी के किरदार ने उन्हें घर-घर लोकप्रिय बनाया। इसके बाद महाराज, जाने जान और थ्री ऑफ अस जैसी फिल्मों में भी उनके काम को सराहा गया। महाराज में उनके अभिनय के लिए उन्हें फिल्मफेयर OTT अवॉर्ड भी मिला। अब ‘दृश्यम 3’ में उनकी परफॉर्मेंस एक बार फिर दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।