Jagjit Singh Song Chitthi Na Koi Sandesh Story: संगीत में वह ताकत होती है, जो बिना कुछ कहे दिल के गहरे जज्बात बयां कर देता है। कुछ गाने ऐसे होते हैं, जिन्हें सुनते ही पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं और आंखें नम हो जाती हैं। गजल सम्राट जगजीत सिंह की आवाज में गाया गया गाना 'चिट्ठी न कोई संदेश' भी ऐसा ही एक गीत है। इस गाने में बिछड़ने का दर्द और किसी अपने को खोने का खालीपन महसूस होता है। इसके पीछे जगजीत सिंह की जिंदगी से जुड़ा एक बेहद भावुक किस्सा भी है।
जगजीत सिंह का गाना 'चिट्ठी न कोई संदेश' साल 1998 में रिलीज हुई फिल्म 'दुश्मन' का हिस्सा था। इस फिल्म में काजोल मुख्य भूमिका में नजर आई थीं और गाने को उनके किरदार के दुख से जोड़कर फिल्माया गया था। इसके बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे, जबकि इसका संगीत उत्तम सिंह ने तैयार किया था। इस गाने की सबसे खास बात जगजीत सिंह की आवाज में महसूस होने वाला दर्द है। उनकी गायकी में बिछड़ने की पीड़ा इतनी गहराई से उभरती है कि सुनने वाले खुद को इससे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।
जगजीत सिंह और उनकी पत्नी चित्रा सिंह की जिंदगी में साल 1990 में बड़ा दुखद मोड़ आया। उनके इकलौते बेटे विवेक सिंह की महज 20 साल की उम्र में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इस घटना ने दोनों को गहरे सदमे में डाल दिया। बेटे को खोने के बाद चित्रा सिंह ने गायकी से दूरी बना ली, जबकि जगजीत सिंह भी करीब एक साल तक संगीत से दूर रहे। बाद में उन्होंने धीरे-धीरे गायकी की दुनिया में वापसी की। उनके निजी जीवन का यह दर्द उनकी आवाज और गजलों में भी महसूस किया जाता है।
जगजीत सिंह की जिंदगी से जुड़ा एक और भावुक किस्सा बताया जाता है। वह एक महफिल में 'दर्द से मेरा दामन भर दे, दिल को मेरे और तड़पा दे' गजल गा रहे थे, तभी उन्हें लंदन में हुए सड़क हादसे में अपने बेटे की मौत की खबर मिली। इस घटना ने उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। शायद यही वजह है कि जगजीत सिंह की आवाज में दर्द सुनने वालों के दिल तक पहुंच जाता है।