

Highlights:
गजल किंग के नाम से मशहूर हैं जगजीत सिंह
चित्रा संग उनकी पहली मुलाकात रही काफी दिलचस्प
चित्रा को पहली नजर मिलते ही हो गयी थी आवाज से नफरत
Jagjit Singh and Chitra Singh Love Story: भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री में जब भी रूहानी और सुकून देने वाली आवाजों का जिक्र होता है, तो जगजीत सिंह का नाम सबसे पहले जहन में आता है। उन्होंने अपनी सादगी और बेजोड़ गायकी से गजल को आम आदमी की जुबान तक पहुंचाया। उनके गाए नगमे आज भी लोगों के दिलों पर छाए हुए हैं, लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ का सफर भी कम दिलचस्प नहीं रहा है।
सपनों के शहर मुंबई में संगीत की तलाश में आए जगजीत सिंह को न केवल अपनी मंजिल मिली, बल्कि जीवनभर का साथ भी हासिल हुआ। उनकी और चित्रा दत्ता की लव स्टोरी किसी फिल्मी दास्तां से कम नहीं है, जिसकी शुरुआत किसी साधारण तरीके से नहीं हुई थी।
लव स्टोरी में आमतौर पर पहली नजर के आकर्षण का जिक्र होता है, लेकिन जगजीत और चित्रा के मामले में कहानी बिल्कुल उलट थी। जब उन्होंने पहली बार एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में स्टूडियो में कदम रखा, तो उनका अंदाज और आवाज किसी को रास नहीं आई।
चित्रा दत्ता ने एक चैट शो में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया था कि जब उन्होंने इनकी भारी आवाज सुनी थी, तो उन्होंने साथ में गाने से साफ मना कर दिया था। उनका मानना था कि इतनी भारी आवाज के साथ मेल खाना बेहद मुश्किल होगा और इस वजह से दोनों के बीच पहली मुलाकात में ही नोंकझोंक जैसी सिच्युयेशन बन गई थी।
समय के पहिए ने करवट ली और धीरे-धीरे पेशेवर मुलाकातों का सिलसिला गहरे लगाव में बदल गया। उन दिनों चित्रा दत्ता अपनी पहली शादी और पर्सनल लाइफ में चल रहे तनाव के कारण काफी अकेली पड़ चुकी थीं।
ऐसे मुश्किल दौर में जगजीत सिंह एक मजबूत सहारा बनकर उनकी लाइफ में आए। हैरानी की बात तो तब सामने आई जब उन्होंने बिना किसी झिझक के सीधे उनके पहले पति के पास जाकर उनका हाथ मांग लिया। उन्होंने साफ शब्दों में अपनी इच्छा जाहिर कर दी थी कि वे उनके साथ नया जीवन शुरू करना चाहते हैं।
सभी मुश्किलों को पार करते हुए साल 1969 में दोनों ने बेहद सादे माहौल में मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद जगजीत सिंह और चित्रा दत्ता ने मिलकर भारतीय संगीत प्रेमियों को एक से बढ़कर एक नायाब गजलें दीं और कला की दुनिया में ऊंचा मुकाम हासिल किया। हालांकि उनकी लाएफ में एक दौर ऐसा भी आया जब उनके बेटे की कम उम्र में अचानक हुई मौत ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था।
इस गहरे सदमे के बाद दोनों ने कुछ समय के लिए म्यूजिक इंडस्ट्री से पूरी तरह किनारा कर लिया था। कई सालों बाद जगजीत सिंह की आवाज फिर से सुनाई दी। वो गजल थी चिट्ठी ना कोई संदेश... ये गजल उन्होंने अपने बेटे को याद करते हुए लिखी।
अभिनेत्री काजोल स्टारर फिल्म दुश्मन के इस गाने ने उनकी आवाज को हर घर में फिर से जिंदा कर दिया। तमाम दुखों और संघर्षों को झेलने के बावजूद उनका यह सफर आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में एक मिसाल के रूप में जिंदा है।