कलाई अरसी (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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कोई मिल गया से बहुत पहले भारत में दिखे थे एलियन, 61 साल पुरानी इस फिल्म की कहानी सुनकर रह जाएंगे हैरान

Indian Space Film: भारतीय सिनेमा में एलियंस की कहानी आज से नहीं बल्कि छह दशक पहले शुरू हो गई थी। 1963 में रिलीज तमिल कलाई अरसी में एलियंस धरती की एक नर्तकी का अपहरण कर उसे अपने ग्रह पर ले जाते हैं।

सोनाली झा

First Indian Alien Film Kalai Arasi: आज के दौर में भारतीय सिनेमा में साइंस-फिक्शन और स्पेस पर आधारित फिल्मों की कमी नहीं है। ‘कोई मिल गया’, ‘पीके’, ‘मिशन मंगल’, ‘रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट’ जैसी फिल्मों ने दर्शकों को अंतरिक्ष और एलियंस की अलग दुनिया दिखाई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय सिनेमा में एलियन और स्पेस की कहानी करीब छह दशक पहले ही पर्दे पर दिखाई जा चुकी थी।

साल 1963 में रिलीज हुई तमिल फिल्म ‘कलाई अरसी’ को भारत की पहली एलियन थीम वाली फिल्मों में गिना जाता है। उस दौर में आज जैसी तकनीक, वीएफएक्स और एडवांस ग्राफिक्स मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद ‘कलाई अरसी’ में अंतरिक्ष, एलियंस और स्पेसक्राफ्ट की दुनिया को दिखाने की कोशिश की गई थी। फिल्म की कहानी टी. ई. ज्ञानमूर्ति ने लिखी थी और उन्होंने ही इसका निर्माण भी किया था। फिल्म में एम.जी. रामचंद्रन और भानुमती ने डबल रोल निभाए थे। फिल्म के सेट, कलाकारों के कॉस्ट्यूम और स्पेस से जुड़े डिजाइन को उस समय के हिसाब से काफी शानदार माना गया।

डांस सीखने के लिए एलियंस ने किया था अपहरण

‘कलाई अरसी’ की कहानी काफी अनोखी थी। फिल्म में कुछ एलियंस धरती पर आते हैं और एक खूबसूरत नर्तकी थिन्ना वाणी का अपहरण कर उसे अंतरिक्ष में ले जाते हैं। एलियंस चाहते हैं कि उनके ग्रह के लोग कला और नृत्य में पीछे न रहें। इसी वजह से वह नर्तकी को अपने ग्रह पर ले जाकर वहां के लोगों को डांस सिखाने के लिए कहते हैं। कहानी में इसके बाद धरती और एलियंस के बीच संघर्ष और कई रोमांचक घटनाएं देखने को मिलती हैं।

आज भी याद की जाती है फिल्म

हालांकि फिल्म को रिलीज के समय दर्शकों और समीक्षकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था और यह बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं कर सकी। इसके बावजूद समय के साथ ‘कलाई अरसी’ को भारतीय साइंस-फिक्शन सिनेमा की एक महत्वपूर्ण और कल्ट फिल्म के तौर पर याद किया जाने लगा। जिस दौर में भारतीय सिनेमा में स्पेस और एलियंस की कल्पना करना भी बड़ी चुनौती थी, उस समय इस तरह की कहानी पर्दे पर उतारना अपने आप में अनोखी कोशिश थी। यही वजह है कि आज भी भारतीय साइंस-फिक्शन फिल्मों के इतिहास में ‘कलाई अरसी’ का नाम खास तौर पर लिया जाता है।

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