

R Madhavan on Indian Cinema: आज के इस डिजिटल युग में मनोरंजन के लिए तरीके इतने तेजी से बदल रहे हैं कि हमारी पुरानी परंपराएं और प्राथमिकताएं पीछे छूटती जा रही हैं। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री जो दशकों से देश के करोड़ों दिलों पर राज करता आया है, आज एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। अपनी बेहतरीन एक्टिंग से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले फेमस एक्टर आर माधवन ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान एक बेहद गंभीर मुद्दे पर बात की है।
आर माधवन ने इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि आज की युवा पीढ़ी धीरे-धीरे भारतीय सिनेमा से पूरी तरह दूर होती जा रही है। इस चौंकाने वाले सच को बयां करते हुए उन्होंने किसी और का नहीं बल्कि खुद अपने ही परिवार का उदाहरण दुनिया के सामने रखा है।
आर माधवन इन दिनों अपनी नई फिल्म के प्रचार-प्रसार में बिजी हैं। इसी सिलसिले में एक बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया। आर माधवन ने बताया कि उनका खुद का बेटा जो अब 20 साल का हो चुका है, वह भी देश की फिल्मों से पूरी तरह कट चुका है।
उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें एक ऐसा डर सता रहा है जिसके बारे में वह आमतौर पर सोचना भी नहीं चाहते। उनके बेटे की पूरी उम्र के नौजवान अब भारतीय कहानियों में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं, जो देश के सिनेमा जगत के भविष्य के लिए एक बड़ा संकेत माना जा सकता है।
सिनेमाई दुनिया में आए इस बड़े बदलाव के कारणों पर रोशनी डालते हुए माधवन ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण बातें शेयर कीं। उन्होंने साफ किया कि हमारी फिल्में किसी दूसरे देश के बड़े फिल्म उद्योग की वजह से मात नहीं खा रही हैं, बल्कि कहानी कहने का जो बिल्कुल अलग और नया अंदाज है, वह युवाओं को आकर्षित कर रहा है।
आज के युवा दर्शक भारतीय या क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को छोड़कर जापानी एनीमे और कोरियाई कंटेंट को देखना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। हालात यहां तक पहुंच चुके हैं कि वे अपनी मातृभाषा की उत्कृष्ट फिल्में देखने के लिए भी सिनेमाघरों का रुख करने को तैयार नहीं हैं।
इन तमाम चर्चाओं के बीच आर माधवन के फैंस उनकी आने वाली फिल्म जीडीएन को लेकर बेहद उत्सुक नजर आ रहे हैं। यह फिल्म कोयंबटूर के एक बेहद असाधारण आविष्कारक और उद्योगपति गोपालस्वामी दोराईस्वामी नायडू के वास्तविक जीवन पर आधारित है, जिन्हें इतिहास में भारत का एडिसन भी कहा जाता है।
उन्होंने बिना किसी औपचारिक इंजीनियरिंग शिक्षा के देश की पहली इलेक्ट्रिक मोटर का निर्माण किया था और आजादी मिलने से पहले ही तमिलनाडु की धरती पर मर्सिडीज जैसी आधुनिक कार बनाने का ऐतिहासिक कोशिश की थी। माधवन इसी प्रेरणादायक नायक की कहानी को पर्दे पर जीवंत करने जा रहे हैं, जो आज के युवाओं को अपनी जड़ों से दोबारा जोड़ने का एक प्रयास साबित हो सकती है।