ऋतिक रोशन और रणबीर कपूर (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)  
मनोरंजन

Hrithik Roshan Ramayana VFX: ऋतिक रोशन ने ‘रामायण’ विवाद पर तोड़ी चुप्पी, बोले- हर VFX खराब नहीं होता

Ranbir Kapoor Film Ramayana Teaser Controversy: ऋतिक रोशन ने रामायण के VFX विवाद पर बयान देते हुए फिल्मों में अलग-अलग विजुअल स्टाइल समझाए। उन्होंने कहा कि बड़ी फिल्मों में सालों की मेहनत होती है।

सोनाली झा

Hrithik Roshan Reaction On Ranbir Kapoor Ramayana Teaser: ऋतिक रोशन ने रामायण के टीजर को लेकर चल रही बहस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। रणबीर कपूर स्टारर इस फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग इसे शानदार बता रहे हैं, तो वहीं कई यूजर्स ने VFX को लेकर सवाल उठाए हैं। अपने लंबे पोस्ट में ऋतिक रोशन ने माना कि बुरे VFX भी होते हैं, लेकिन हर फिल्म को एक ही नजरिए से देखना सही नहीं है।

ऋतिक रोशन ने अपने बचपन का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे ‘बैक टू द फ्यूचर जैसी फिल्मों ने उन्हें विजुअल इफेक्ट्स की दुनिया से जोड़ा और उनका नजरिया बदला। ऋतिक ने लिखा कि ‘रामायण’, ‘कल्कि’ और ‘बाहुबली’ जैसी फिल्मों के मेकर्स के पास एक बड़ा विज़न होता है। ये फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि दर्शकों को एक नया अनुभव देने की कोशिश होती हैं।

VFX के अलग-अलग स्टाइल समझाए

ऋतिक रोशन ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स में भारी बजट इसलिए लगाया जाता है ताकि दर्शकों को एक अलग और भव्य सिनेमाई अनुभव मिल सके। ऋतिक रोशन ने अपने पोस्ट में VFX के विभिन्न प्रकारों को भी विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि फिल्मों में फोटोरियलिज्म, स्टाइलाइज्ड VFX और हाइपररियल जैसे अलग-अलग अप्रोच होते हैं।

ऋतिक रोशन ने कही ये बात

ऋतिक रोशन ने कहा कि कुछ फिल्में बिल्कुल रियल लगने की कोशिश करती हैं, जबकि कुछ में जानबूझकर मैजिकल और स्टाइलाइज्ड लुक दिया जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ‘लार्ड ऑफ द रिंग्स और ‘300’ जैसी फिल्मों में स्टाइलाइज्ड VFX का इस्तेमाल किया गया, जबकि ‘Inception’ जैसी फिल्मों में हाइपररियल अप्रोच अपनाई गई। ऐसे में हर फिल्म की अपनी शैली होती है और उसे उसी नजरिए से समझना चाहिए।

आलोचना से पहले समझ जरूरी

ऋतिक ने यह भी कहा कि किसी बड़े बजट की VFX फिल्म को बनाने में सैकड़ों कलाकारों की सालों की मेहनत लगती है। इसलिए दर्शकों को आलोचना करने से पहले यह समझना चाहिए कि फिल्म किस स्टाइल में बनाई गई है। उन्होंने अंत में कहा कि सिर्फ इसलिए किसी फिल्म को गलत नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि वह दर्शकों की उम्मीदों के अनुसार नहीं है। ऋतिक रोशन का यह बयान साफ करता है कि सिनेमा में तकनीक और क्रिएटिविटी का संतुलन समझना जरूरी है, खासकर तब जब बात ‘रामायण’ जैसी भव्य फिल्मों की हो।

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