हेलन (फोटो- सोशल मीडिया) 
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Helen Struggle Story: कैबरे क्वीन बनने से पहले रिफ्यूजी थीं हेलन, सफर ने तोड़ दिए थे हौसले

Helen की चमकदार स्टारडम के पीछे एक दर्दनाक संघर्ष छिपा है। 1938 में रंगून में जन्मी हेलन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान परिवार के साथ भारत पहुंचीं, जहां उन्होंने अपने को भाई हमेशा के लिए खो दिया।

सोनाली झा

Helen Birthday Special Story: हिंदी सिनेमा में कैबरे डांस की पहचान बन चुकीं दिग्गज अभिनेत्री हेलन आज 87 वर्ष की हो चुकी हैं। अपनी विदेशी खूबसूरती, बेहतरीन अदाकारी और डांस की अनोखी शैली के लिए जानी जाने वाली हेलन की चमकदार जिंदगी के पीछे एक बेहद दर्दनाक और संघर्षों से भरी कहानी छिपी है। बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्मों की इस सुपरस्टार का शुरुआती जीवन एक रिफ्यूजी जैसी हालत में गुजरा था।

हेलन का जन्म 21 नवंबर 1938 को रंगून, बर्मा में हुआ था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उनके पिता की मौत हो गई थी, जिसके बाद परिवार की मुश्किलें बढ़ती चली गईं। 1943 में युद्ध की भयावहता के बीच हेलन का परिवार किसी तरह रंगून छोड़कर भारत की ओर निकल पड़ा। फिल्मफेयर अवॉर्ड में हेलन ने अपने दर्द और संघर्षों से भरे इस सफर का किस्सा सुनाते हुए बताया कि उनका परिवार सैकड़ों गांव और घने जंगलों को पार करते हुए भारत पहुंचा।

रिफ्यूजी समझकर मिला खाना

हेलन ने कहा था कि हम लोगों की दया पर जिंदा थे। हमारे पास कुछ कपड़ों के अलावा न खाना था, न पैसे। कुछ सिपाही मिले जिन्होंने हमें रिफ्यूजी समझकर खाना और ट्रांसपोर्ट दिया। यह सफर इतना कठिन था कि डिब्रूगढ़, असम पहुंचते-पहुंचते उनका पूरा समूह बुरी तरह बिखर चुका था। कई लोग भूख से, बीमारी से या रास्ते में ही दम तोड़ चुके थे। हेलन की मां का गर्भपात हो गया था और उनका भाई भी गंभीर रूप से बीमार था। परिवार को दो महीनों तक अस्पताल में रखा गया, लेकिन दुर्भाग्य से हेलन के भाई की मौत हो गई।

हेलन की करियर की शुरुआत

कठिन परिस्थितियों के कारण हेलन अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं। परिवार को संभालने के लिए उन्होंने अपने फैमिली फ्रेंड की मदद से फिल्मों में बतौर बैकग्राउंड डांसर काम करना शुरू किया। हेलन को पहला बड़ा ब्रेक 1958 में रिलीज हुई फिल्म ‘हावड़ा ब्रिज’ के मशहूर गाने ‘मेरा नाम चिन चिन चू’ से मिला। इस गाने ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया।

हेलन का अवॉर्ड्स

हेलन ने अपने शानदार डांस और अभिनय से बॉलीवुड में एक अलग पहचान बनाई। अपने करियर में अनेक यादगार भूमिकाएं निभाने के बाद हेलन को भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। आज भी हेलन बॉलीवुड की एक ऐसी आइकॉनिक हस्ती हैं, जिनकी कहानी संघर्ष, हिम्मत और सफलता का प्रेरणादायक प्रतीक बनी हुई है।

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