जगजीत सिंह (सौ.सोशल मीडिया)  
मनोरंजन

चित्रा को पसंद नहीं आई थी जगजीत सिंह की आवाज, जानें फिर कैसे हुआ गजल किंग से प्यार

गजल किंग जगजीत सिंह ने साल 1969 में चित्रा से शादी की थी। साल 1967 में जब जगजीत काम ढूंढ रहे थे तब उनकी मुलाकात चित्रा दत्ता से हुई। चित्रा उस वक्त शादीशुदा थीं। लेकिन इसके बावजूद दोनों एक दूसरे को दिल दे बैठे।

सोनाली झा

मुंबई: फिल्म इंडस्ट्री के गजल किंग जगजीत सिंह का जन्म 8 फरवरी, 1941 को राजस्थान के श्रीगंगानगर के एक सिख परिवार में हुआ था। पहले उनका नाम जगजीवन सिंह था बाद में उन्होंने इसे जगजीत सिंह कर लिया था। जगजीत सिंह ने अपने गायन करियर की शुरुआत 1961 में ऑल इंडिया रेडियो स्टेशन, जालंधर से की थी। जगजीत सिंह ने जालंधर से कला की शिक्षा ली।

जगजीत सिंह काफी संघर्ष के बाद हिंदी सिनेमा में गाने का मौका मिला। 1967 में जब जगजीत काम ढूंढ रहे थे तब उनकी मुलाकात चित्रा दत्ता से हुई। चित्रा उस वक्त शादीशुदा थीं। लेकिन इसके बावजूद दोनों एक दूसरे को दिल दे बैठे। दिसंबर 1969 में चित्रा ने अपने पति को तलाक दे दिया और फिर जगजीत से शादी कर ली थी।

जगजीत सिंह की शादी के बारे में दिलचस्‍प बात यह भी है कि उनकी शादी बहुत ही सादा तरीके से हुई थी और कहा जाता है कि इसमें केवल 30 रुपये का खर्च हुआ था। चित्रा ने एक इंटरव्यू में जगजीत सिंह के साथ अपनी लव स्टोरी के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था, 'जब मैं 22 साल की थी तब मैंने पहली बार जगजीत सिंह का गाना सुना था। मुझे उनकी आवाज बिल्कुल पसंद नहीं आई थी। लेकिन धीरे-धीरे मैं उनकी आवाज की दीवानी हो गई।'

जगजीत सिंह और चित्रा सिंह एक साथ एक साथ कॉन्सर्ट करते लगे थे। इसके बाद जगजीत सिंह गजल किंग बन चुके थे। प्राइवेट एलबम के साथ जगजीत ने फिल्मों में भी कई गजलें गाईं जिनमें 'प्रेम गीत', 'अर्थ', 'जिस्म', 'तुम बिन', 'जॉगर्स पार्क' जैसी फिल्में शामिल हैं। चित्रा और जगजीत सिंह का एक बेटा विवेक हुआ। 20 साल की उम्र में विवेक की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस घटना ने जगजीत और चित्रा को अंदर तक तोड़ दिया।

जगजीत सिंह को कई पुरस्कारों से नवाजा गया था। जिसमें उन्हें भारत सरकार द्वारा वर्ष 2003 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था। 8 फरवरी 2013 को गूगल ने जगजीत सिंह को उनके 72वें जन्मदिन पर एक डूडल बनाकर उन्हें सम्मानित किया था। 23 सितंबर 2011 को जगजीत सिंह को ब्रेन हैमरेज हो गया था। 2 हफ्ते तक मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल के कोमा में उनका इलाज चला। लेकिन 10 अक्टूबर को वो इस दुनिया को अलविदा कह गए थे।

आर्टिकल 370 से नक्सलवाद के खिलाफ अभियान तक, अमित शाह के 5 सबसे बड़े फैसले, जिसने बदली देश की तस्वीर

Amit Shah: 1982 की वह पहली मुलाकात, जिसने बदल दी भारतीय राजनीति की दिशा; जानिए मोदी-शाह की दोस्ती का राज

अब नहीं जाएंगे जंतर-मंतर...रिहाई के लिए सौरव दास और आशुतोष रांका ने क्या-क्या वादे किए?

अजेय रणनीतिकार: चुनावी रिकॉर्ड से लेकर बूथ मैनेजमेंट तक, कैसे काम करती है अमित शाह की रणनीति?

Amit Shah Nickname: बचपन में अमित शाह को किस नाम से बुलाते थे? पढ़ें दिलचस्प किस्सा