

CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को 21 अक्टूबर को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया।
SEM कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की न्यायिक हिरासत तीन दिन बढ़ाने की मांग खारिज कर दी।
दोनों नेताओं को जमानत की शर्तों का पालन करना होगा; अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी।
Saurav Das Ashutosh Ranka Released: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है। दिल्ली की SEM कोर्ट ने 21 अक्टूबर को दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की दिल्ली पुलिस की मांग खारिज कर दी। जमानतदार पेश करने और शांति बनाए रखने से जुड़ी शर्तों पर लिखित आश्वासन देने के बाद कोर्ट ने उनकी रिहाई का आदेश दिया।
दोनों नेताओं को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मामले में हिरासत में लिया गया था। उन पर बिना अनुमति प्रदर्शन स्थल में प्रवेश करने, बैरिकेडिंग पार करने और पहले दिए गए शांति बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए थे। 14 अक्टूबर को SEM कोर्ट ने उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था। इसके बाद 19 अक्टूबर को हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई थी, जिसकी अवधि 21 अक्टूबर को समाप्त हो रही थी।
सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहाई के लिए कई शर्तें पूरी करनी होंगी।
50-50 हजार रुपये का निजी मुचलका: दोनों नेताओं ने 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पेश किए और जमानतदार भी दिए। निजी मुचलका कोर्ट को दिया गया भरोसा होता है, इसे नकद रकम जमा कराने के समान नहीं माना जाता।
शांति बनाए रखने का आश्वासन: दोनों ने लिखित रूप से भरोसा दिया कि वे शांति भंग नहीं करेंगे और कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नहीं बुलाएंगे: दोनों ने आश्वासन दिया कि जब तक जंतर-मंतर को कानूनी रूप से दोबारा प्रदर्शन स्थल घोषित नहीं किया जाता, वे वहां प्रदर्शन के लिए लोगों को नहीं बुलाएंगे।
संविधान के दायरे में प्रदर्शन: भविष्य में कोई भी प्रदर्शन संवैधानिक दायरे में करने का आश्वासन दिया गया।
हर सुनवाई पर कोर्ट में पेशी: दोनों नेताओं को मामले की प्रत्येक सुनवाई पर उपस्थित रहना होगा।
जमानतदारों की जांच: पुलिस को अगली सुनवाई पर जमानतदारों की जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी।
21 अक्टूबर को दोनों नेताओं को फिर SEM कोर्ट में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने उनकी न्यायिक हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे मंजूरी नहीं दी। जमानतदारों के पेश होने और लिखित आश्वासन मिलने के बाद कोर्ट ने उन्हें आगे हिरासत में रखने की जरूरत नहीं मानी और रिहाई का आदेश दे दिया।
SEM कोर्ट में सुनवाई से पहले सौरव दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी हिरासत को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उन्हें SEM कोर्ट में चल रही प्रक्रिया का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित कानूनी मंच पर जाने को कहा था। इसके बाद दोनों नेताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली।