

अमित शाह का शरद पूर्णिमा के दिन जन्म होने के कारण बचपन में उनका नाम 'पूनम' रखा गया था।
11 साल की उम्र में परिवार उन्हें अमेरिका भेजना चाहता था, लेकिन उन्होंने भारत नहीं छोड़ने की बात कही।
अमित शाह के पीएम मोदी के साथ रिश्ते कैसे हैं?
Amit Shah Childhood Nickname: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बचपन का नाम क्या था? यह सवाल सुनने में भले ही अटपटा लगे, लेकिन इसका जवाब दिलचस्प है। अमित शाह का 22 अक्टूबर को जन्मदिन है। उनके जन्मदिन पर हम आपको उनके बचपन से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा बताने जा रहै हैं। यह बात खुद अमित शाह ने एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में बताई थी।अमित शाह ने खुद अपने बचपन के निकनेम का खुलासा किया था।
अमित शाह ने बताया कि बचपन में उन्हें 'पूनम' कहकर बुलाया जाता था। यह नाम उनकी आंटी ने रखा था, क्योंकि उनका जन्म शरद पूर्णिमा के दिन हुआ था। अमित शाह के मुताबिक, इस नाम के पीछे कोई खास रहस्य नहीं है। गांवों में बच्चों के नाम जन्म से जुड़ी परिस्थितियों या अवसरों के आधार पर रख दिए जाते थे। गुजराती में शरद पूर्णिमा को 'शरद पूनम' भी कहा जाता है। इसी वजह से उनका निकनेम पूनम पड़ गया।
बता दें कि अमित शाह जब वह 11 साल के थे, तब उनका परिवार उन्हें अमेरिका भेजना चाहता था। हालांकि, अमित शाह इसके लिए तैयार नहीं थे।
उन्होंने कहा था कि मैं कहीं नहीं जाऊंगा। मैं भारत नहीं छोड़ूंगा। यहीं लड़ूंगा और रहूंगा। उनके इस किस्से से उनके बचपन में ही भारत में रहने और यहीं अपना भविष्य बनाने के फैसले का पता चलता है।
अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक रिश्तों को लेकर अक्सर चर्चा होती है। दोनों ने लंबे समय तक संगठन में साथ काम किया है। अमित शाह ने प्रधानमंत्री के साथ अपनी केमिस्ट्री पर कहा कि दोनों एक-दूसरे के काम में योगदान देते हैं।
अमित शाह ने एक कार्यक्रम में बताया था कि प्रधानमंत्री लक्ष्य निर्धारित करते हैं और वह उन्हें हासिल करने की कोशिश करते हैं। उनके मुताबिक, लंबे समय तक साथ काम करने के कारण दोनों एक-दूसरे के काम करने के तरीके, विचारों और स्वभाव को अच्छी तरह समझते हैं।
अमित शाह भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में गिने जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उन्होंने लंबे समय तक पार्टी संगठन में काम किया। गुजरात में नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री रहने के दौरान भी शाह राज्य सरकार में मंत्री रहे।
2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद अमित शाह राष्ट्रीय राजनीति में और प्रभावशाली भूमिका में आए। 2019 में भाजपा के दोबारा पूर्ण बहुमत हासिल करने के बाद उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री बनाया गया। उनके कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) जैसे अहम मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रहे।