तमिलनाडु में राहुल गांधी (सौजन्य-IANS) 
विधानसभा चुनाव 2026

दक्षिण भारत को कमजोर कर रहे मोदी! तमिलनाडु में राहुल ने सरकार पर बोला हमला, कहा- ट्रंप कहेंगे कूदो तो PM...

Rahul Gandhi Tamil Nadu Election: तमिलनाडु के रानीपेट में राहुल गांधी ने केंद्र पर दक्षिण भारत को कमजोर करने का आरोप लगाया। महिला आरक्षण और परिसीमन (Delimitation) को बताया 'खतरनाक मंशा'।

प्रिया जैस

Rahul Gandhi Ranipet Rally: तमिलनाडु चुनाव के मद्दनेनजर राहुल गांधी रानीपेट समेत कई क्षेत्रों में चुनावी रैलियों को संबोधित कर रहे है। इस दौरान उन्होंने महिला आरक्षण समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला बोला। रानीपेट में राहुल गांधी ने सरकार पर दक्षिणी राज्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है। तमिलनाडु में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह संसद में जो प्रयास कर रहे थे, उसके पीछे “खतरनाक मंशा” छिपी हुई थी।

राहुल गांधी का आरोप है कि इस विधेयक के जरिए सरकार देश के चुनावी नक्शे में बदलाव करना चाहती थी। उनके अनुसार, सीटों के पुनर्निर्धारण (डीलिमिटेशन) के जरिए दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही थी।

रानीपेट में राहुल गांधी ने सरकार पर बोला हमला

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा महिला आरक्षण की आड़ में PM मोदी ने दक्षिणी राज्यों को कमज़ोर करने के लिए भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश की।

ट्रंप के इशारे पर चलते है पीएम मोदी - राहुल गांधी

तमिलनाडु चुनाव के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) थुरैयूर भी पहुंचे। यहां एक चुनावी रैली के दौरान, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "आपने संसद में PM मोदी का चेहरा ज़रूर देखा होगा। जब भी वह संसद में आते हैं, तो वह हमारी आंखों में आंखें डालकर नहीं देख पाते। इसकी वजह यह है कि वह एक 'समझौताशुदा' PM हैं। उन पर पूरी तरह से समझौता हो चुका है, और नरेंद्र मोदी को डोनाल्ड ट्रंप नियंत्रित करते हैं। ट्रंप जो कुछ भी कहते हैं, PM मोदी वही करते हैं। ट्रंप कहेंगे कूदो तो पीएम मोदी कूद जाएंगे और ठीक यही बात PM मोदी AIADMK के मुख्यमंत्री से भी करवाना चाहते हैं।"

महिला आरक्षण नहीं हुआ पास

गौरतलब है कि महिला आरक्षण और डीलिमिटेशन से जुड़ा 131वां संवैधानिक संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका। दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह बिल गिर गया। मतदान में 298 सदस्यों ने समर्थन किया, जबकि 230 ने विरोध किया। आपको बताते चलें, कि डीलिमिटेशन के मुद्दे पर खासकर दक्षिण भारतीय राज्यों ने विरोध जताया है। एम के स्टालिन की सरकार ने भी इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध जताया है।

शिक्षक दिवस पर डॉ. राधाकृष्णन को नमन, योगी-गडकरी समेत कई नेताओं ने दी शिक्षकों को शुभकामनाएं

केन्या ने टाटा केमिकल्स से तोड़ा नाता, 100 साल पुराना समझौता रद्द, शेयर बाजार पर असर, कहा- किसी के गुलाम नहीं

मैं रेवंत का समर्थक हूं, कांग्रेस का नहीं, एक मंच पर साथ आए ओवैसी और रेड्डी; एक-दूसरे की तारीफों के बांधे पुल

शिक्षक दिवस पर PM नरेंद्र मोदी आज SRCC के शताब्दी समारोह में होंगे शामिल, देश के छात्रों को करेंगे संबोधित

खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण मामले में बड़ा एक्शन, BJP नेता पर FIR, बेंगलुरु में SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज