राहुल गांधी पर नहीं होगी FIR, हाईकोर्ट ने अपने ही आदेश पर लिया यू-टर्न; जानें दोहरी नागरिकता का पूरा मामला

Allahabad High Court on Rahul Gandhi Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के अपने ही आदेश पर रोक लगा दी है।
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राहुल गांधी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Rahul Gandhi Dual Citizenship Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के अपने ही आदेश पर रोक लगा दी है। यह मामला कथित दोहरी नागरिकता से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने अपनी वेबसाइट पर जारी आदेश में बताया कि 17 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता, केंद्र और राज्य सरकार के वकीलों से यह पूछा गया था कि क्या राहुल गांधी को नोटिस जारी करना आवश्यक है। वकीलों ने इसे जरूरी नहीं बताया, जिसके आधार पर कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया था।

हालांकि, आदेश टाइप होने से पहले न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने अपने फैसले की दोबारा समीक्षा की। उन्होंने पाया कि साल 2014 के एक पूर्व निर्णय के अनुसार, ऐसे मामलों में प्रस्तावित अभियुक्त को नोटिस देना अनिवार्य होता है। इसी आधार पर कोर्ट ने कहा कि बिना नोटिस जारी किए फैसला देना उचित नहीं था और आदेश पर रोक लगा दी।

कानूनी पेच और पुराने फैसलों का हवाला

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एफआईआर दर्ज कराने की मांग से जुड़े मामलों में यदि प्रार्थना पत्र खारिज होता है, तो पुनरीक्षण याचिका ही उचित कानूनी उपाय होता है। ऐसे मामलों में आरोपी पक्ष को सुने बिना कोई आदेश पारित करना न्यायसंगत नहीं माना जाता। इसी कानूनी सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए अदालत ने अपने पहले के आदेश को स्थगित किया।

20 अप्रैल को अगली सुनवाई

इस मामले में अगली सुनवाई 20 अप्रैल को तय की गई है। इससे पहले, 28 जनवरी 2026 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने याचिकाकर्ता की अर्जी खारिज कर दी थी। उस समय कोर्ट ने कहा था कि राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर कोई नया या ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। साथ ही यह भी कहा गया था कि निचली अदालत को आरोपों की सत्यता पर टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं थी।

याचिकाकर्ता के यह हैं आरोप

यह याचिका कर्नाटक निवासी एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई है, जिसमें राहुल गांधी पर भारतीय न्याय संहिता, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता का दावा है कि उनके पास ऐसे दस्तावेज हैं, जो संकेत देते हैं कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम में मतदाता रहे हैं और वहां चुनावी प्रक्रिया में उनकी भागीदारी के रिकॉर्ड मौजूद हैं।

कोर्ट ने गृह मंत्रालय से मंगवाए थे रिकॉर्ड

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिवीजन से संबंधित दस्तावेज मंगवाए थे, जिन्हें पेश भी किया गया। वहीं, कोर्ट के नए आदेश के बाद याचिकाकर्ता ने कहा है कि वह एफआईआर के फैसले को वापस लेने के खिलाफ सीबीआई से शिकायत करेंगे। अब इस मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी।

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