महिला आरक्षण पर छिड़ा घमासान! स्मृति ईरानी ने कांग्रेस का क्रूर चेहरा किया बेनकाब, कहा- जश्न में डूबी कांग्रेस

Smriti Irani on Women Reservation Bill: देश में महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। इस पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी पर भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने तीखे सवाल दागे।
Smriti Irani slams Congress after Women Reservation Bill fails in Lok Sabha. Priyanka Gandhi calls it an opposition victory; BJP terms it a betrayal of women.
स्मृति ईरानी और प्रियंका गांधी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Women Reservation Bill Politics: महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है। 17 अप्रैल को लोकसभा में बिल गिरने के बाद कांग्रेस पार्टी ने इसे जीत बताया। तो वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इसे महिला विरोधी करार दिया। इस मामले में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा की लोकसभा की मौजूदा महिलाओं की संख्या में ही आरक्षण लागू किया जाए।

कांग्रेस के इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और BJP नेता स्मृति ईरानी ने करारा जवाब दिया। स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। महिला आरक्षण (Women Reservation) पर स्मृति ईरानी ने कहा, "देश की महिलाओं से कहा गया था कि कांग्रेस पार्टी ने एक ऐसा सपना दिखाया है जिसका मकसद महिलाओं के लिए राजनीतिक अधिकार सुरक्षित करना है। 98 साल बाद उस मकसद का क्या हुआ, यह कल पूरे देश की महिलाओं ने देश की संसद में देखा।"

महिलाओं को सुविधाओं से रखा वंचित

उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी कल मुस्कुराई, मेजें थपथपाईं और राजनीतिक तौर पर जश्न मनाया, जबकि उन्होंने देश की राजनीतिक जागृति की आकांक्षाओं को कुचल दिया। लेकिन BJP के लिए, यह सिर्फ सत्ता के लिए संघर्ष नहीं है; यह समानता के अधिकार की लड़ाई है। महिलाएं याद रखेंगी कि कांग्रेस के शासन के छह दशकों के दौरान, इस देश में 11 करोड़ महिलाओं को शौचालय की सुविधा से वंचित रखा गया था।"

कांग्रेस ने महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाई

महिला आरक्षण (Women Reservation) बिल गिरने के बाद स्मृति ईरानी ने कहा, "महिलाएं याद रखेंगी कि 25 करोड़ महिलाओं को बैंक खाते खोलने के लिए ज़रूरी मदद नहीं दी गई थी। महिलाएं याद रखेंगी कि BJP-NDA के तहत, पहला जेंडर बजट फ्रेमवर्क पेश किया गया था।"

कांग्रेस के जश्न पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "कांग्रेस और उसकी समर्थक पार्टियों ने इस बात का जश्न मनाया कि इस देश की संघर्षरत राजनीतिक महिलाएं, जो सालों से काम कर रही हैं और सिर्फ 33% अधिकारों की मांग कर रही थीं। वे इस बात के जश्न में डूबे थे कि कैसे उन महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाकर उनके अधिकारों से वंचित किया जाए, और कैसे संसद में लड़ाई जीती जाए।"

आज, कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में, यह ताना मारा गया कि BJP में कुछ लोगों ने मसीहा बनने की कोशिश की। मैं हैरान हूं कि कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कहा गया कि वे 2023 में पारित बिल का समर्थन करते हैं, जिसमें परिसीमन का ज़िक्र है। लेकिन कांग्रेस का पाखंड देखिए- वे साथ ही यह भी कहते हैं कि उन्हें परिसीमन के लिए बनी समिति और व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। कांग्रेस को देश की संवैधानिक व्यवस्था पर, संसद पर, या देश की महिलाओं पर कोई भरोसा नहीं है। कांग्रेस ने देश की महिलाओं के सामने अपना क्रूर चेहरा बेनकाब कर दिया है।"

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com