पीएम मोदी (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विधानसभा चुनाव 2026

MCC का उल्लंघन है PM का राष्ट्र के नाम संबोधन, वित्त मंत्री के पति समेत 700 दिग्गजों ने CEC को लिखी चिट्ठी

700 से अधिक बुद्धिजीवियों ने चुनाव आयोग को पत्र लिख पीएम मोदी के 18 अप्रैल के संबोधन को आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। पत्र लिखने वालों में निर्मला सीतारमण के पति पी. प्रभाकर भी शामिल हैं।

अर्पित शुक्ला

Election Commission Complaint PM Modi: पूर्व नौकरशाहों, शिक्षाविदों, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों समेत 700 से अधिक लोगों ने Election Commission of India को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 18 अप्रैल को राष्ट्र के नाम संबोधन आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन है। उन्होंने आयोग से इस मामले की जांच कर कार्रवाई करने और सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) को भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि दूरदर्शन, संसद TV और ऑल इंडिया रेडियो जैसे सरकारी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित यह संबोधन, आचार संहिता लागू होने के दौरान “चुनाव प्रचार” के समान था।

5 राज्यों में लागू है आदर्श आचार संहिता

वर्तमान में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में आदर्श आचार संहिता लागू है। इनमें से असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान हो चुका है, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल और पश्चिम बंगाल में 23 व 29 अप्रैल को मतदान होना है। मतगणना 4 मई को निर्धारित है। शिकायत में कहा गया है कि सरकारी वित्तपोषित मीडिया का इस तरह उपयोग सत्तारूढ़ दल को “अनुचित लाभ” देता है और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी समान अवसर को प्रभावित करता है।

700 बुद्धिजीवियों ने की कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ताओं ने चुनाव आयोग के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि मंत्रियों को आधिकारिक कार्यों को चुनाव प्रचार से जोड़ने या सरकारी मशीनरी का उपयोग पक्षपातपूर्ण तरीके से करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने आयोग से अपील की है कि वह मामले का संज्ञान लेकर संबोधन की सामग्री और प्रसारण प्रक्रिया की जांच करे और आवश्यक कार्रवाई शुरू करे। साथ ही, यदि इस प्रसारण के लिए पूर्व अनुमति दी गई थी, तो अन्य राजनीतिक दलों को भी समान समय उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

किन लोगों ने किया हस्ताक्षर?

इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में निर्मला सीतारमण के पति और राजनीतिक अर्थशास्त्री पी. प्रभाकर, दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, सामाजिक कार्यकर्ता योगेन्द्र यादव, अर्थशास्त्री जयति घोष, संगीतकार टी. एम. कृष्णा, पूर्व केंद्रीय सचिव ई. ए. एस. शर्मा, कार्यकर्ता हर्ष मंदर, पत्रकार पी. गुहा ठाकुरता, शिक्षाविद जोया हसन और पूर्व राजदूत मधु भादुड़ी शामिल हैं।

अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं में पारदर्शिता कार्यकर्ता अंजली भारद्वाज, पूर्व सिविल सेवक आशीष जोशी, अमिताभ पांडे और ए. शुक्ला, पत्रकार जॉन दयाल और विद्या सुब्रमण्यम, तथा CPI की नेता एनी राजा समेत कई शिक्षाविद, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आयोग को इस मामले में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

पटना में कांग्रेस के कार्यक्रम में बवाल, खरगे ने मोदी को लेकर दिया विवादित बयान, देखें VIDEO

अनंत सिंह की RJD में एंट्री होगी? छोटे सरकार पर तेजस्वी करेंगे फैसला, बिहार में सियासी हलचल तेज

38 ठिकानों पर छापेमारी: 1,424 बैंक खाते फ्रीज, 100 करोड़ के लेनदेन का खुलासा; जाने क्या है ऑपरेशन ट्राइडेंट?

महाराष्ट्र के शबरी नेचुरल्स को मिला जापान का ग्लोबल गुड डिजाइन अवॉर्ड, मन की बात में PM मोदी ने की सराहना

Chef Damu Dies: चेन्नई में 72 साल के शेफ दामू का निधन, 617 डिश बनाकर बनाया था वर्ल्ड रिकॉर्ड