Delhi Manipur Music Teacher Murder: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आश्रम के किलोकरी इलाके में मणिपुरी म्यूजिक टीचर चोंगथम विक्रम सिंह की कुछ लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस घटना ने दिल्ली में पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर विवाद को तेज कर दिया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है।
परिजनों का आरोप है कि विक्रम घर के बाहर शोर मचा रहे कुछ लोगों से ऐसा नहीं करने के लिए कहा था। लेकिन विक्रम की बात पर आरोपी गुस्सा हो गए और उनमें बहस हुई। इसके बाद आरोपियों ने विक्रम को पीटना शुरू कर दिया। विक्रम अपनी जान बचाने के लिए मदद मांगते हुए यहां-वहां भागने लगे। आरोपियों ने उन्हें सड़क पर गिराकर पीटकर और फिर फरार हो गए। हमले से विक्रम बुरी तरह से घायल हो गए, बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, विक्रम सिंह ने अपने घर के सामने डिलीवरी बॉय और ढाबा स्टाफ के चिल्लाने और परेशानी करने पर आपत्ति जताई थी। उन्हें ऐसा करने से रोकने के लिए नीचे आए, तो आरोप है कि उन पर मुक्कों और घूंसों से हमला किया गया। विक्रम को उनके बेटे याइफाबा इलाज के लिए होली फैमिली हॉस्पिटल ले गए, जहां बाद में उनकी मौत हो गई।
मणिपुरी कार्यकर्ता और स्कॉलर बिनालक्ष्मी नेपराम एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि, मणिपुरी संगीतकार तामो चोंगथम विक्रम को कल दिल्ली में पीट-पीटकर मार डाला गया। हम पूरे दिन उनकी पत्नी, भाई, मणिपुर समुदाय के लोगों के साथ थे और कल रात 9 बजे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में पोस्टमॉर्टम खत्म होने तक इंतजार किया।
कांग्रेस से राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने राज्य और केंद्र सरकार पर सजा से बचने का कल्चर बनाने का आरोप लगाया, जिससे संगीतकार की मौत हुई। खेड़ा ने कहा, मणिपुर के एक संगीतकार सी. विक्रम सिंह ने दिल्ली में अपने घर के बाहर शोर और परेशानी पर आपत्ति जताई। उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया। उन्होंने कहा कि इसे नशे में हुई हिंसा की एक अलग घटना कहकर नजरअंदाज किया जा सकता है। लेकिन इसमें और भी कुछ है।
खेड़ा ने आगे कहा कि यह तब हुआ जब सरकार सालों से तेज आवाज वाले DJ, पब्लिक में हंगामा और नियमों की खुलेआम अनदेखी को नॉर्मल और सही ठहरा रही थी। कानून को लगातार लागू करने के बजाय, सत्ता में बैठे लोगों ने अक्सर दूसरी तरफ देखा- सजा से बचने का कल्चर बनाया। हो सकता है कि सरकार ने विक्रम सिंह को मारने वाला बल्ला न चलाया हो। लेकिन वह उस माहौल को बनाने की ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकती जिसके कारण उनकी हत्या हुई।
वहीं, मणिपुर से लोकसभा सांसद बिमोल अकोईजाम ने दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की। उन्होंने कहा चाहे कोई व्यक्ति भारत के नॉर्थईस्ट से हो या तथाकथित मेनस्ट्रीम या मेनलैंड भारत से, इज्जत के साथ जिंदगी मायने रखती है। उन लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए जिन्होंने हमारे प्यारे विक्रम, एक नेक दिल और टैलेंटेड, आगे बढ़ने वाले गिटारिस्ट को हमसे छीन लिया।
वहीं, मणिपुर के मुख्यमंत्री खेमचंद युमनाम ने उनकी मौत पर दुख जताया और राज्य के संगीत और सांस्कृतिक जीवन में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने पोस्ट किया, मशहूर गिटारिस्ट चोंगथम विक्रम के असमय निधन से मैं बहुत दुखी हूं। संगीत और मणिपुर के सांस्कृतिक जीवन में उनके कीमती योगदान को हमेशा गहरे सम्मान के साथ याद किया जाएगा। मैं दुखी परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि उन्हें इस कभी न भरने वाले नुकसान को सहने की ताकत और हिम्मत मिले। भगवान दिवंगत आत्मा को शांति दे।
पुलिस के मुताबिक, विक्रम सिंह की कथित पिटाई के बारे में 7 सितंबर, 2026 को दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी पुलिस स्टेशन में एक पीसीआर कॉल आई थी। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि सिंह ने किलोकरी गांव में अपने घर के सामने डिलीवरी बॉय और ढाबा स्टाफ के कथित चिल्लाने और उपद्रव पर आपत्ति जताई थी। जब वह नीचे आए और आपत्ति जताई, तो कथित तौर पर उन पर मुक्कों और घूंसे से हमला किया गया। पुलिस ने हत्या के मामलों के तहत FIR दर्ज कर ली है और नाबालिगों समेत सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।