(प्रतीकात्मक तस्वीर) 
दिल्ली

Delhi Earthquake: दिल्ली में भूकंप के तेज झटके, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में भी हिली धरती; घरों से बाहर निकले लोग

Delhi Earthquake: दिल्ली के पॉश इलाकों से लेकर नोएडा और गुरुग्राम की हाई-राइज सोसायटियों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। लिफ्ट के बजाय लोग सीढ़ियों का इस्तेमाल कर नीचे भागते नजर आए।

मनोज आर्या

Delhi Earthquake: दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में शुक्रवार की रात भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को हिला कर रख दिया। करीब रात के 09:40 बजे (भारतीय समयानुसार) जब लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे, तभी अचानक पंखे, झूमर और खिड़कियां हिलने लगीं। भूकंप के झटके इतने तेज और लंबे समय (करीब 15-20 सेकंड) तक महसूस किए गए कि लोग डर के मारे चिल्लाते हुए अपने बच्चों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।

दिल्ली के पॉश इलाकों से लेकर नोएडा और गुरुग्राम की हाई-राइज सोसायटियों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। लिफ्ट के बजाय लोग सीढ़ियों का इस्तेमाल कर नीचे भागते नजर आए। कई जगहों पर लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए हैं, जिनमें घरों के सामान हिलते हुए देखे जा सकते हैं।

पंजाब और जम्मू में भी असर

दिल्ली-NCR के अलावा चंडीगढ़ समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में झटके महसूस किए गए। जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भी जमीन हिलने से लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, पुंछ और कश्मीर घाटी के कई इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. झटके कुछ सेकंड तक रहे, लेकिन उनकी तीव्रता इतनी थी कि लोग घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।

दिल्ली-NCR में कई ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने झटकों को साफ महसूस किया। दफ्तरों और घरों में बैठे लोग तुरंत बाहर निकल आए. कुछ जगहों पर लोग पार्क और खुले मैदानों में इकट्ठा हो गए।

जान-माल का नुकसान नहीं

नोएडा की एक हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले एक निवासी ने बताया कि झटका इतना तेज था कि बेड हिलने लगा। हमें तुरंत समझ आ गया कि यह बड़ा भूकंप है और हम बिना देर किए नीचे भाग आए। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर से किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन पहाड़ी इलाकों और कश्मीर घाटी से कुछ पुरानी इमारतों में दरारें आने की सूचना मिल रही है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है।

भू-वैज्ञानिकों ने चिंता जताई

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद 'आफ्टरशॉक्स' आने की संभावना बनी रहती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।दिल्ली और आसपास के इलाके सीस्मिक जोन-4 में आते हैं, जो भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील माने जाते हैं। पिछले कुछ महीनों में उत्तर भारत में छोटे-बड़े भूकंपों का सिलसिला बढ़ा है, जिससे भू-वैज्ञानिकों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

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