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दिल्ली

DU Campus में इवेंट के लिए अब नियम सख्त… बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन पर रोक और बाहरी लोगों की एंट्री बंद

Delhi University Rules: डीयू ने कैंपस कार्यक्रमों के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। अब किसी भी इवेंट के लिए 72 घंटे पहले अनुमति लेनी होगी और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

प्रिया सिंह

New Guidelines For DU Campus Events: दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस के शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने और अनुशासन बनाए रखने के लिए अब बहुत ही कड़े और नए नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों के अनुसार अब छात्र या कोई भी विभाग बिना कॉलेज की लिखित अनुमति के कैंपस में किसी भी तरह के बड़े कार्यक्रम का आयोजन नहीं कर सकेगा। विश्वविद्यालय ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी जिसमें निष्कासन और कानूनी कार्रवाई भी शामिल है। इन नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आयोजन की वजह से छात्रों की नियमित कक्षाओं और परीक्षाओं में कोई भी बाधा उत्पन्न न हो।

लिखित अनुमति लेना अब होगा अनिवार्य

दिल्ली विश्वविद्यालय ने अब कैंपस में होने वाले हर छोटे और बड़े कार्यक्रमों के लिए लिखित अनुमति को पूरी तरह से अनिवार्य बना दिया है। अब किसी भी कॉलेज या विभाग में सेमिनार, पब्लिक टॉक, सांस्कृतिक इवेंट, रैली या धरना आयोजित करने से पहले प्रशासन को पूरी जानकारी देनी होगी। बिना पूर्व मंजूरी के कोई भी प्रोग्राम आयोजित करने पर आयोजकों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।

समय सीमा और आवेदन प्रक्रिया

कैंपस के भीतर किसी भी तरह के कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे आयोजकों को अब प्रोग्राम शुरू होने से कम से कम 72 घंटे पहले लिखित अनुमति लेनी होगी। इसके लिए आयोजकों को सबसे पहले प्रॉक्टर कार्यालय और स्थानीय पुलिस अधिकारियों को आवेदन की सॉफ्ट या हार्ड कॉपी अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि 72 घंटे की समय सीमा के बाद या देरी से दिए गए किसी भी पत्र को मान्य नहीं माना जाएगा।

लाउडस्पीकर और उपकरणों पर रोक

कैंपस में लाउडस्पीकर, एम्प्लीफायर, प्रोजेक्टर, टेंट, जनरेटर या किसी भी अन्य लॉजिस्टिक सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए भी अब पहले से मंजूरी लेनी जरूरी है। नोटिस के अनुसार आवाज की सीमा और इन उपकरणों को कितने समय के लिए उपयोग किया जाना है, इन सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी तकनीकी उपकरण या शोर की वजह से पढ़ाई और शैक्षणिक कार्यों में कोई बाधा न आए।

शैक्षणिक कार्यों में बाधा नहीं

दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि परीक्षाओं, कक्षाओं, लाइब्रेरी और प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालने वाली किसी भी गतिविधि को नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। आयोजकों को कार्यक्रम के दौरान शांति-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ भीड़ मैनेजमेंट, एंट्री-एग्जिट और आपातकालीन सुरक्षा योजनाओं के लिए पहले से पूरी तैयारी करनी होगी। अगर कोई भी व्यक्ति शैक्षणिक गतिविधियों में डिस्टरबेंस पैदा करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो उस पर तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बाहरी लोगों और सोशल मीडिया पर नियम

कैंपस की सुरक्षा को देखते हुए अब किसी भी कार्यक्रम में बाहरी व्यक्तियों को आमंत्रित करना पूरी तरह से मना है और सोशल मीडिया प्रचार पर भी रोक है। किसी भी तरह के सोशल मीडिया पोस्ट, व्हाट्सएप फॉरवर्ड, पोस्टर या डिजिटल कंटेंट के माध्यम से इवेंट का प्रचार करने के लिए भी विश्वविद्यालय की अनुमति आवश्यक है। नियम तोड़ने वाले छात्रों पर निलंबन (Rustication), निष्कासन (Expulsion) और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस या कानूनी कार्रवाई जैसे सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।

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