सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास  (सोर्स- सोशल मीडिया)
दिल्ली

सत्य निकेतन हादसे के बाद कॉकरोचों ने बढ़ाई सरकार की टेंशन, रखीं ये 7 मांगें

Delhi Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में मृतकों की संख्या 7 हुई। CJP ने PG माफिया की जांच, स्ट्रक्चरल ऑडिट, हॉस्टल निर्माण और मुआवजे समेत 7 मांगें रखीं।

अर्पित शुक्ला

CJP on Delhi Satya Niketan Building Collapse: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी इलाके सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, जबकि पांच लोग घायल हैं। इनमें तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। इस हादसे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गहरा दुख जताया है और सरकार से छात्रों और युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए सात मांगों की सूची जारी की है।

पार्टी ने अपनी मांगों में बड़े PG माफिया की जांच करने और अधिक हॉस्टल बनाने की अपील की है। हादसे में जान गंवाने वालों में ज्यादातर दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र बताए जा रहे हैं।

कॉकरोचों के निशाने पर कौन?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सरकार से सभी मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और हादसे के लिए मंत्रियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

सौरव दास ने कहा, “हमने सात सूत्रीय मांगें तैयार की हैं, जिन्हें हम सरकार के सामने रख रहे हैं। पहली मांग है कि इस हादसे की स्वतंत्र आपराधिक जांच होनी चाहिए। सिर्फ मकान मालिक के खिलाफ नहीं, बल्कि ऐसे मालिकों और सत्ता में बैठे लोगों, जिनमें राजनेता भी शामिल हैं, के बीच के बड़े नेक्सस की भी जांच होनी चाहिए। इन इलाकों में जिनकी सुरक्षा में ऐसे अवैध निर्माण और गतिविधियां फल-फूल रही हैं, उनकी भी जांच की जानी चाहिए।”

CJP की 7 मांगें क्या हैं?

सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सात मांगें रखी हैं।

  • सिर्फ मालिक की नहीं, बल्कि नेताओं और दूसरे लोगों के बीच संबंधों की भी स्वतंत्र आपराधिक जांच हो। बड़े स्तर पर चल रहे PG माफिया की भी जांच की जाए।

  • सरकार तुरंत इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट शुरू करे। खास तौर पर स्कूलों, कॉलेजों और छात्रों के रहने की जगहों की तय समय सीमा के भीतर जांच की जाए। छात्रों के रहने का उचित इंतजाम किया जाए और नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। अवैध निर्माणों को सील कर उनके मालिकों पर जुर्माना लगाया जाए।

  • जून 2026 की हौज रानी घटना के बाद बनाई गई 13 जिला समितियों की सभी रिपोर्ट 48 घंटे के अंदर सार्वजनिक की जाए।

  • ऐसा पब्लिक डेटाबेस बनाया जाए, जिसमें यह देखा जा सके कि हर हॉस्टल या संस्थान सुरक्षित है या नहीं।

  • सरकार को DU और अन्य छात्रों के लिए अधिक हॉस्टल बनाने चाहिए। पूरे DU में सिर्फ 7,000 छात्रों के रहने की जगह है, जबकि छात्रों की संख्या लाखों में है।

  • हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये और घायलों को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।

  • मंत्रियों की जवाबदेही तय की जाए। दिल्ली के शहरी विकास, प्लानिंग और शिक्षा मंत्री आशीष सूद से पूछा जाए कि उनकी देखरेख में 13 जिला कमेटियों का काम क्यों बंद कर दिया गया?

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