CJI Suryakant Statement: कॉकरोच वाले बयान को लेकर हाल ही में चर्चा में रहे भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत ने एक बार फिर अदालत में की गई अपनी तीखी टिप्पणी से सुर्खियां बटोरी हैं। साइबर ठगी के एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सीजेआई ने न सिर्फ उसे राहत देने से इनकार किया, बल्कि साइबर अपराधियों को "परजीवी" तक करार दे दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग देशभर के लोगों को अपना शिकार बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं और समाज के लिए गंभीर खतरा हैं।
उन्हें पकड़ना भी मुश्किल होता है. ऐसे अपराधियों का जेल की सलाखों के पीछे रहना ही समाज के हित में है। अदालत ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ऐसे आरोपियों के प्रति नरमी नहीं बरती जा सकती। सीजेआई की यह टिप्पणी अब कानूनी और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने मामले की सुनवाई करने के दौरान साइबर अपराध के मामलों पर गंभीर नाराजगी जताई, और इसेक साथ-साथ साइबर के आरोपी को कड़ी फटकार भी लगाई। सीजेआई ने कहा कि, ‘तुम लोग परजीवी हो, जो निवेशकों से लाखों - करोड़ों रुपये की ठगी करते हो। हमें साइबर अपराधियों के प्रति हमें बहुत सख्ती बरतनी पड़ेगी। तुम लोग एक राज्य तक सीमीत नहीं बल्कि कई राज्यों में रहते हो। कभी तमिलनाडु में किसी आदमी के साथ फ्रॉड करते हो और फिर से वहां से जम्मू चले जाते हो। देश और हमारे समाज का कल्याण इसी में है कि तुम जैसे ठगी करने वाले लोग जेल की सलाखों के भीतर ही कैद रहें।
आपको बता दें कि इससे कुछ महीने पहले सीजेआई सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान भी इसी तरह की टिप्पणी कर दी थी। जिस पर उन्होंने कथित तौर पर देश के बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से कर दी थी। जिसेक बाद उनके इस बयान को लेकर देशभर में खूब बवाल हुआ। यहां तक उनके कॅाकरोच वाले बयान का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नाम से एक नई ऑनलाइन राजनीतिक पार्टी भी उभरकर सामने आ गई जो वर्तमान में देश के कई राज्यों में प्रदर्शन कर रही है। और नीट पेपर लीक के मामले मे केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की लगातार मांग कर रही है।
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जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि बेरोजगार युवा आगे चलकर मीडिया, सोशल मीडिया एक्टिविस्ट बन जाते हैं और फिर देश के ही सिस्टम पर ही हमला बोलना शूरु कर देते हैं। लेकिन कॅाकरोच वाले बयान पर जब बवाल काफी ज्यादा बढ़ने लगा तो तब सीजेआई ने अपने टिप्पणी पर सफाई दिया। उन्होंने कहा कि, ‘मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया है। मेरा बयान उन लोगों के लिए था, जो नकली और फर्जी डिग्री लेकर कानूनी पेशे में घुस जाते हैं।