न ढंग की शिक्षा, न रोजगार; अब कॉकरोच ही देंगे व्यवस्था को जवाब- नागपुर में अभिजीत दीपके की हुंकार
Nagpur Cockroach Janta Party: नागपुर में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बैनर तले विद्यार्थियों और युवाओं ने नीट पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर प्रदर्शन किया तथा जवाबदेही की मांग उठाई।
- Written By: अंकिता पटेल
कॉकरोच जनता पार्टी, सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
Nagpur Cockroach Janta Party Student Protest: नागपुर न्याय व्यवस्था द्वारा युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहकर अपमानित करने के बाद अचानक पैदा हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने अब विद्यार्थियों व युवाओं की समस्याओं को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली, बेंगलुरु, लखनऊ के बाद नागपुर में नीट पेपर लीक मामले में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन की घोषणा की थी।
मंगलवार को संविधान चौक पर उनके समर्थन में हजारों विद्यार्थी, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं खुद को ‘कॉकरोच’ बताते हुए उमड़ पड़े। हालात यह हो गए कि पुलिस को कई बार व्यवस्था संभालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। दीपके ने कहा कि न ढंग की शिक्षा, न ही रोजगार। परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। इस देश का युवा कई वर्षों से परेशान है।
किसी भी राजनीतिक दल को युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य की चिंता नहीं है। न्याय व्यवस्था भी देश के भविष्य कहे जाने वाले युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहकर अपमानित कर रही है। अब यही कॉकरोच इस व्यवस्था को जवाब देने के लिए मजबूर करेंगे, जिसे विद्यार्थियों, शिक्षा और रोजगार की चिंता नहीं है, ऐसी अशिक्षित सरकार हमें नहीं चाहिए।
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पार्टी फोड़ने व विधायक खरीदने के लिए हैं करोड़ों
दीपके ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सीएम के पास राजनीतिक पार्टियों को फोड़ने और विधायकों को 50-50 करोड़ रुपये देने के लिए पैसे है लेकिन नीट पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने से हताश होकर आत्महत्या करने वाली आकांक्षा चतुर्वेदी के परिजनों को भेंट देकर सांत्वना देने व आर्थिक मदद के लिए पैसे नहीं है। इससे ही पता चलता है कि सरकार विद्यार्थियों व युवाओं के प्रति कितनी संवेदनशील व गंभीर है। उन्होंने केन्द्र की मोदी सरकार की नीतियों की भी कड़ी आलोचना की और अन्य राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा।
पोस्टर बने आकर्षण का केंद्र
आंदोलन में शामिल विद्यार्थी स्वयं को ‘कॉकरोच’ कह रहे थे। कॉकरोच का मुखौटा भी लगाया था। इनमे स्कूल, कॉलेज, इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी शामिल थे, उनके द्वारा लाए गए पोस्टरों में व्यवस्था के खिलाफ रोचक स्लोगन लिखे हुए थे।
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पीएम, गृह मंत्री, शिक्षा मंत्री सहित अन्य कुछ मंत्रियों के चित्रों के के साथ लिखे नारे व स्लोगन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। बड़ी संख्या में अभिभावक भी अपने बच्चों के साथ आंदोलन में शामिल हुए। विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता इस प्रदर्शन का हिस्सा बने।
परिसर बना छावनी: आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। लगभग 800 पुलिसकर्मी संविधान चौक और आसपास के क्षेत्रों में तैनात किए गए थे। परिसर को छावनी में बदल दिया गया था। सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी निगरानी कर रहे थे। पुलिस उपायुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे।
2 चार विवाद की स्थिति: आंदोलन के दौरान 2 बार तनाव की स्थिति भी बनी। एक समूह ने प्रधानमंत्री के खिलाफ की जा रही नारेबाजी का विरोध किया और कार्यक्रम में व्यवधान डालने का प्रयास किया जिसे प्रदर्शनकारियों ने विफल कर दिया, बाद में एक अन्य समूह ने भी ऐसा ही प्रयास किया लेकिन पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया। इसके अलावा एक युवती द्वारा गोमाता से संबंधित पोस्टर लाने पर भी विवाद हुआ जिसे पुलिस की मध्यस्थता से शांत कराया गया।
नागपुर में सबसे सफल आंदोलन
सीजेपी के युवा संस्थापक ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी को अमेरिका से ही युवाओं का प्रतिसाद मिला। देश में उन्होंने दिल्ली, बेगलुरु, लखनऊ में भी आंदोलन किये लेकिन सर्वाधिक प्रतिसाद नागपुर में मिला है। उन्होंने सभी को दिल्ली के आंदोलन में पहुंचने की अपील की, कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान मंच पर सत्यपाल महाराज तथा अन्य समर्थक मौजूद थे। दीपके ने विद्यार्थियों और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना ही चाहिए, तब तक यह आंदोलन देशभर में फैलता रहेगा। सत्यपाल महाराज ने भी युवाओं का समर्थन करते हुए वर्तमान व्यवस्था की आलोचना की।
