BRICS Summit Congress CMs Absence: दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित गाला डिनर में कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्रियों की गैरमौजूदगी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों रेवंत रेड्डी, डी.के. शिवकुमार और वी.डी. सतीसन को भी डिनर के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन तीनों इसमें शामिल नहीं हुए।
इसी मुद्दे पर बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि BRICS का मंच किसी एक राजनीतिक दल का मंच नहीं, बल्कि भारत का मंच था। उनके मुताबिक ऐसे अंतरराष्ट्रीय अवसर पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर देशहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी जो कि कांग्रेस ने नहीं दिया।
बांसुरी स्वराज ने कहा कि BRICS जैसे वैश्विक मंच पर भारत की मेजबानी और उसकी कूटनीतिक ताकत का प्रदर्शन होता है। ऐसे कार्यक्रम में शामिल होना किसी सरकार या पार्टी के समर्थन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे देश के प्रतिनिधित्व और राष्ट्रीय सम्मान से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उनका आरोप है कि कांग्रेस के तीनों मुख्यमंत्रियों ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने के बजाय दलगत राजनीति को प्राथमिकता दी और ब्रिक्स के मंच पर नहीं आए।
बांसुरी स्वराज ने खास तौर पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने डिनर में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार किया था, लेकिन इसके बावजूद वह कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। यह घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि BRICS डिनर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे।
BRICS भारत के लिए महज एक कूटनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर देश की भूमिका और प्रभाव को प्रदर्शित करने का अवसर है। ऐसे में सवाल यही है कि क्या अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राजनीतिक मतभेदों को पीछे छोड़कर देश की एकजुट तस्वीर पेश नहीं की जानी चाहिए?
यह चौथा मौका था जब भारत ने BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी की है। इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में भी भारत BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर चुका है। 2021 में कोविड के प्रकोप के कारण भारत ने इसका आयोजन ऑनलाइन किया था। इस बार BRICS को लेकर भाजपा और कांग्रेस में काफी तनाव देखने को मिला।