Arvind Kejriwal support Ruchika Singh: जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने को लेकर विवादों में आईं 15 वर्षीय रुचिका सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रुचिका के समर्थन में बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि प्रदर्शन के बाद रुचिका पर इतना दबाव बनाया गया कि उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी।
केजरीवाल ने रुचिका के नए वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि अब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नहीं डरती हैं। उन्होंने लोगों से रुचिका का समर्थन करने की अपील भी की।
अरविंद केजरीवाल ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद रुचिका को कथित तौर पर काफी परेशान किया गया। उनके मुताबिक, दबाव के चलते रुचिका को पूरे देश के सामने अपने बयान के लिए माफी मांगनी पड़ी थी।
केजरीवाल ने कहा कि रुचिका अब कह रही हैं कि लगातार परेशान किए जाने के बाद उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं बचा है और वह प्रधानमंत्री मोदी से नहीं डरतीं। उन्होंने रुचिका को बहादुर बताते हुए लोगों से उनके साथ खड़े होने की अपील की।
केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि रुचिका के मुताबिक लगातार दबाव के कारण उनके लिए घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने वाले कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। इनमें रुचिका सिंह का वीडियो भी शामिल था।
वीडियो वायरल होने के बाद रुचिका ने एक अन्य वीडियो जारी कर अपने शब्दों के लिए माफी मांगी थी। उस समय उनका माफी मांगने वाला वीडियो भी चर्चा में रहा था।
अब रुचिका ने एक नया वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने खुद पर कथित दबाव और परेशान किए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसी वीडियो के आधार पर केजरीवाल ने उनके समर्थन में बयान दिया है।
रुचिका से जुड़ा विवाद जिस प्रदर्शन के दौरान सामने आया था, उसका प्रमुख मुद्दा NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या से जुड़ा संकट था। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में छात्रों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। उनका आरोप था कि NEET विवाद और उससे जुड़े छात्रों के संकट की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्रालय की है।
प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से दावा किया गया था कि उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार किया गया और धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।
प्रदर्शन के बाद छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर भी विवाद हुआ था। CJP ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग उठाई थी।
बाद में सरकार की ओर से इन मामलों को वापस लेने की कार्रवाई किए जाने का दावा किया गया। इसी घटनाक्रम के बीच रुचिका सिंह का मामला भी राजनीतिक और सोशल मीडिया बहस का हिस्सा बन गया। फिलहाल रुचिका के नए वीडियो में लगाए गए आरोपों और अरविंद केजरीवाल के समर्थन के बाद यह पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में है।