प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)  (सोर्स-सोशल मीडिया)
क्राइम

महादेव ऐप मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ED ने कारोबारी विकास गर्ग को किया गिरफ्तार, 940 करोड़ की संपत्ति कुर्क

ED Raid Money Laundering: महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार विकास गर्ग को विशेष अदालत ने 24 जुलाई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

करुणा नंद शाहवाल

ED Raids Mahadev Betting App Case Arrests Vikas Garg: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव ऑनलाइन बुक, स्काईएक्सचेंज और अन्य कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है। ईडी ने उन्हें 14 जुलाई को नई दिल्ली से धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया था। ट्रांजिट रिमांड के बाद उन्हें रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 24 जुलाई तक ईडी की 10 दिन की हिरासत में भेज दिया।

एजेंसी के अनुसार, यह जांच छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। ईडी का आरोप है कि विदेशों से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित नेटवर्क के जरिए अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी का कारोबार चलाया जा रहा था, जिससे हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई होती थी। जांच में यह भी दावा किया गया है कि इस धन को फर्जी कंपनियों और विदेशी निवेश के विभिन्न माध्यमों से वैध दिखाने की कोशिश की गई। इससे पहले ईडी विकास गर्ग और उनसे जुड़ी संस्थाओं की लगभग 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां भी अस्थायी रूप से कुर्क कर चुकी है। मामले में आगे की पूछताछ और जांच जारी है।

मामले में ईडी की जांच जारी

छत्तीसगढ़ पुलिस, दुर्ग द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आदि की पुलिस द्वारा अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफार्मों के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में दर्ज की गई विभिन्न अन्य एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की।

450 करोड़ मासिक अवैध कमाई का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में पता चला कि सट्टेबाजी का गिरोह विदेशों से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित 'पैनल' नेटवर्क के माध्यम से काम करता है और अवैध सट्टेबाजी से प्रति माह 450 करोड़ रुपए से अधिक की अपराध की आय अर्जित कर रहा था।

विदेशी निवेश के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का दावा

ईडी की जांच में यह भी पता चला कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज के अवैध सट्टेबाजी संचालन से प्राप्त अपराध की आय को एक बहुस्तरीय संरचना के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग किया गया था—जिसमें फर्जी संस्थाओं के जाल के माध्यम से नकद के बदले व्यवस्थित लेनदेन और दुबई, मॉरीशस और यूनाइटेड किंगडम में स्थित विदेशी संस्थाओं के माध्यम से क्यूआईपी, एफपीआई, एफडीआई और एफसीसीबी मार्गों से किए गए विदेशी निवेश शामिल थे। इन निवेशों को विकास गर्ग के स्वामित्व और नियंत्रण वाली सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में स्थानांतरित किया गया था, ताकि दागी धन को बेदाग दिखाया जा सके।

940.77 करोड़ की संपत्तियां पहले ही कुर्क

इससे पहले इस मामले में 5 जून को एक अंतरिम कुर्की आदेश जारी किया गया था, जिसमें विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनके स्वामित्व और नियंत्रण वाली संस्थाओं की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया था। इन संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 940.77 करोड़ रुपए था, जिनमें आवासीय संपत्तियां, भूमि के टुकड़े, इक्विटी शेयर और अन्य प्रतिभूतियां शामिल थीं।

महादेव ऑनलाइन बुक की जांच तेज

जांच से यह स्थापित हुआ है कि विकास गर्ग ने अपने खिलाफ की गई जांच के दौरान भी अपराध की आय को छिपाने और स्थानांतरित करने का प्रयास जारी रखा। महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार विकास गर्ग को विशेष पीएमएलए अदालत ने 24 जुलाई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

तिरंगे की शान में ड्यूटी निभाते हुए कांस्टेबल ए. धर्मराज ने गंवाई जान, CM विजय ने परिवार को दिए 30 लाख

NEET में 570 अंक फिर भी नहीं मिली सीट तो बदली राह, 21 की उम्र में शुभांगी ने क्रैक कीं 5 सरकारी नौकरियां

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोलियां; बंगाल में आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

BSP के ब्राह्मण चेहरे हुए बेगाने, 2027 में मायावती कैसे साधेंगी दलित-ब्राह्मण समीकरण?

हसीना को सौंपो, तभी आएंगे भारत! तारिक रहमान के भारत दौरे पर बांग्लादेश ने रखी शर्त, अगले महीने BRICS की बैठक