छत्तीसगढ़ मंत्रालय बस सेवा सोर्स : AI जनरेटेड
रायपुर

90 लाख का किराया और कबाड़ बसें! जानिए क्यों गुस्से में हैं छत्तीसगढ़ मंत्रालय के कर्मचारी

Chhattisgarh Secretariat Bus Service : नवा रायपुर में खस्ताहाल और पुरानी वायरिंग वाली बसों से 3,500 मंत्रालय कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में है। आगजनी के बाद अब जांच समिति गठित की गई है।

ऐश्वर्या द्विवेदी

Chhattisgarh Secretariat Bus Fire Incident : छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में मंत्रालय और संचालनालय के कर्मचारियों को लाने-ले जाने वाली पुरानी बसों का रखरखाव राम भरोसे है। 15 साल पुरानी इन खस्ताहाल बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और शॉर्ट सर्किट से लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब जांच समिति गठित की गई है।

मंत्रालय की बसों में सुरक्षा से समझौता

नवा रायपुर जाने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में है। 15 साल पुरानी बसें रोजाना सड़कों पर दौड़ रही हैं। मेंटेनेंस के नाम पर बस खानापूर्ति की जा रही है।

सीटें बढ़ाने के लिए बस का एक दरवाजा बंद किया गया। लेकिन पुरानी वायरिंग बदलने की जहमत नहीं उठाई गई। इससे आग लगने की बड़ी घटना सामने आई है।

आग लगने के बाद कर्मचारियों का प्रदर्शन

दो दिन पहले एक बस में अचानक आग लग गई। आग की वजह शॉर्ट सर्किट बताई गई थी। इस घटना के बाद कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया।

कर्मचारी संघ ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की मांग पर अब एक जांच समिति बनाई गई है। यह समिति पूरी घटना की जांच कर रही है।

लाखों का बजट फिर भी बदहाली

रायपुर से नवा रायपुर के बीच रोजाना 93 बसें चलती हैं। इन बसों में हर दिन 3500 कर्मचारी सफर करते हैं।

सरकार हर महीने ठेकेदार कंपनी को भारी रकम देती है। यह रकम करीब 90 लाख से एक करोड़ रुपये है। फिर भी कर्मचारियों को खस्ताहाल बसें मिल रही हैं।

अक्टूबर से चलेंगी नई आधुनिक बसें

बढ़ते विवाद को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया है। अगले महीने बसों के लिए नया टेंडर जारी होगा। नए टेंडर में पुरानी बसों को हटाने का नियम होगा। इसके बाद नई और आधुनिक बसें चलाई जाएंगी। इससे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

सुरक्षा के नए नियम लागू होंगे

अब हर बस में फिटनेस सर्टिफिकेट लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही ड्राइवर की स्वास्थ्य रिपोर्ट भी बस में चस्पा होगी। बस में चालू हालत में अग्निशामक यंत्र रखना होगा। इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था भी दुरुस्त करनी होगी।

कर्मचारी अपना बस पास सीधे जमा कर सकेंगे। इसके लिए किसी एनओसी (NOC – No Objection Certificate) की जरूरत नहीं होगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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