रायपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने किया प्रदर्शन।
बीजेपी ने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन का किया घेराव।
कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप।
कांग्रेस के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ नारे पर उठाए सवाल।
BJP Mahila Morcha protest in Raipur: कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर छात्राओं के साथ यौन दुर्व्यवहार के लगे आरोपों को लेकर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सांसद पर लगे आरोपों के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने सांसद के खिलाफ कार्रवाई करने और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपकुमारी चौधरी ने कांग्रेस के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी महिला सम्मान की बात करती है, लेकिन अपने सांसद पर गंभीर आरोप लगने के बाद उसका शीर्ष नेतृत्व मौन है। उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से इस मामले में जवाब देने की मांग की। चौधरी ने कहा कि आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सांसद के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने को लेकर महिला मोर्चा आंदोलन जारी रखेगा।
वहीं राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने छात्राओं से जुड़े इस मामले में बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष और कठोर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सांसद पर लगे आरोपों के संबंध में तत्काल कदम उठाने और सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की। उनके मुताबिक महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर राजनीतिक दलों का रवैया एक जैसा होना चाहिए।
अंगोम बिमोल अकोइजाम जेएनयू (JNU) के प्रोफेसर और सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं। वे मणिपुर के रहने वाले हैं और राज्य के सामाजिक व मानवाधिकार मुद्दों पर लंबे समय से मुखर आवाज रहे हैं। 2023 में मणिपुर हिंसा के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। बिमोल की सांसदी पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है, क्योंकि कानून के मुताबिक सांसदी तभी रद्द होती है जब किसी आपराधिक मामले में अदालत कम से कम 2 साल की जेल की सजा सुनाए। संसद में वे मणिपुर में शांति बहाली, पीड़ितों के पुनर्वास और पूर्वोत्तर के अधिकारों पर अपने तीखे व प्रभावशाली भाषणों के लिए जाने जाते हैं।