67.40 लाख खातों में पहुंचेगी 33वीं किस्त
आज राज्योत्सव का होगा समापन।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कार्यक्रम में होंगे शामिल।
सीधे बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी राशि।
Mahtari Vandan Yojana 33rd Installment: छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना से जुड़ी लाखों महिलाओं के लिए 3 नवंबर का दिन आर्थिक लिहाज से खास रहने वाला है। राज्योत्सव के समापन समारोह के दौरान प्रदेश सरकार योजना की 33वीं किस्त जारी करेगी। इस बार 67 लाख 40 हजार 410 महिला हितग्राहियों के बैंक खातों में कुल 632 करोड़ 63 लाख 67 हजार 750 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। राशि सीधे बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
इस कार्यक्रम को लेकर खास बात यह है कि किस्त का अंतरण राज्योत्सव के मुख्य समारोह के मंच से होगा। भारत सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी करेंगे। सरकार की ओर से इसे महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
सरकारी जानकारी के मुताबिक इस बार सामान्य प्रक्रिया के तहत ई-केवाईसी पूरी करा चुकीं 67 लाख 33 हजार 502 महिलाओं के खातों में राशि भेजी जाएगी। वहीं, नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की 6,908 महिला हितग्राहियों को 13वीं किस्त का भुगतान किया जाएगा। दोनों श्रेणियों को मिलाकर लाभार्थियों की कुल संख्या 67,40,410 होगी।
महतारी वंदन योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ में 1 मार्च 2024 को हुई थी। योजना की पहली किस्त 10 मार्च 2024 को जारी की गई थी। इसके बाद से लगातार किस्तों के जरिए पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 32 किस्तों में 20,717.87 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं। 33वीं किस्त के भुगतान के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 21,350.50 करोड़ रुपए हो जाएगा।
योजना की राशि खाते में पहुंची है या नहीं, इसकी जानकारी महिलाएं आधिकारिक वेबसाइट mahtarivandan.cgstate.gov.in पर जाकर प्राप्त कर सकती हैं। इसके अलावा प्ले स्टोर पर उपलब्ध महतारी वंदन मोबाइल ऐप के जरिए भी भुगतान संबंधी जानकारी देखी जा सकती है। सरकार का दावा है कि इस योजना के माध्यम से महिलाओं को मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके घरेलू खर्च और परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों में मददगार साबित हो रही है।