27 अप्रैल 2026 को मनीषा की संदिग्ध मौत
सीने में दर्द की शिकायत के बाद महिला की मौत।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप।
मायके पक्ष ने पति पर गलत इंजेक्शन देने का संदेह जताया है।
Mungeli Murder Mystery Case: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में मनीषा लहरे की संदिग्ध मौत का मामला करीब छह महीने बाद फिर चर्चा में है। परिजनों की शिकायत और निष्पक्ष जांच की मांग के बाद प्रशासन ने कब्र से शव निकालकर वैज्ञानिक परीक्षण कराने की कार्रवाई की है। अब सिम्स बिलासपुर में होने वाले पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट से मौत की असल वजह सामने आने की उम्मीद है। मृतका के मायके पक्ष ने पति पर गलत इंजेक्शन देने का संदेह जताया है।
मामला मुंगेली सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम संगवाकापा का है। जानकारी के मुताबिक, 26 और 27 अप्रैल 2026 की दरमियानी रात मनीषा लहरे को सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया था। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उस समय मौत को सामान्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी मानते हुए अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
बाद में मायके पक्ष को कुछ परिस्थितियों और कथित डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मौत को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद मृतका की बहन ट्विंकल देवांगन ने पुलिस अधीक्षक और आईजी को आवेदन देकर मामले की दोबारा जांच की मांग की।
शिकायत में परिजनों ने पूर्व में डायल 112 पर की गई कॉल, मोबाइल रिकॉर्डिंग और पारिवारिक विवाद से जुड़े पहलुओं की तकनीकी जांच कराने का आग्रह किया। परिजनों का आरोप है कि घटनाक्रम से जुड़े कुछ तथ्य गंभीर संदेह पैदा करते हैं। इन्हीं मांगों के बाद सक्षम प्रशासनिक अनुमति से शव को कब्र से बाहर निकाला गया। कार्यपालक दंडाधिकारी की निगरानी में पंचनामा और वीडियोग्राफी कराई गई। मौके पर नायब तहसीलदार श्वेता मेहर, थाना प्रभारी और पुलिस बल मौजूद रहे। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक परीक्षण के लिए सिम्स बिलासपुर भेजा गया।
मृतका की बहन ट्विंकल देवांगन ने पति सागर लहरे पर गलत इंजेक्शन देने की आशंका जताई है। उनके मुताबिक सागर धमतरी स्थित शिवनंदा अस्पताल में बीएचएमएस चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं। बहन ने कहा कि परिवार चाहता है कि सभी साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच हो और मनीषा के चार वर्षीय बच्चे को न्याय मिले। वहीं नायब तहसीलदार श्वेता मेहर के अनुसार प्रशासनिक निर्देशों के तहत शव उत्खनन की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजा गया है।
अब इस मामले में पोस्टमार्टम, हिस्टोपैथोलॉजी और उपलब्ध होने पर विसरा जांच की रिपोर्ट अहम होगी। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है और पति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।