दोहरे हत्याकांड में दोषी रामगोपाल खुंटे को दोहरी उम्रकैद की सजा।
आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भठली का मामला।
घटना 6 मार्च 2025 की शाम करीब 7 बजे की।
Janjgir Champa Court Verdict Double Murder Case: शराब की एक शीशी में कीटनाशक मिलाकर दो लोगों की जान लेने वाले आरोपी को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। जांजगीर-चांपा के प्रधान सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग की अदालत ने दोहरे हत्याकांड में दोषी रामगोपाल खुंटे को दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर कुल 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर उसे छह-छह महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
पूरा मामला नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भठली का है। अभियोजन के अनुसार आरोपी रामगोपाल खुंटे शराब बेचने का काम करता था। उसके घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर सुंदरलाल कुर्रे का मकान था। सुंदरलाल के घर लोगों का लगातार आना-जाना आरोपी को पसंद नहीं था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच पहले भी विवाद हो चुका था।
घटना 6 मार्च 2025 की शाम करीब 7 बजे की है। आरोप है कि रामगोपाल ने देशी शराब की 180 एमएल की शीशी में कीटनाशक मिला दिया। इसके बाद वह सुंदरलाल कुर्रे के घर पहुंचा। सुंदरलाल ने शराब पीने से इनकार कर दिया, लेकिन घर की परछी में बैठे सीताराम लहरे और रोहित कुमार तेंदुलकर को आरोपी ने शराब पीने के लिए दे दी।
शराब पीने के कुछ ही देर बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर से अलग-अलग कीटनाशक दवाइयों के डिब्बे बरामद किए। वहीं न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला बिलासपुर की जांच में मृतकों के विसरा में कार्बामेट कीटनाशक फेनोबुकार्ब के साथ इथाइल और मिथाइल अल्कोहल की मौजूदगी मिली। फॉरेंसिक रिपोर्ट ने शराब में कीटनाशक मिलाए जाने के आरोप को वैज्ञानिक आधार दिया।
इस मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं था। इसके बावजूद अभियोजन पक्ष ने अदालत में 19 गवाहों के बयान पेश किए। गवाहों के बयानों, पुलिस द्वारा जब्त की गई सामग्री और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट समेत परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को आधार बनाकर अदालत ने आरोपी के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाया।
इसके बाद अदालत ने रामगोपाल खुंटे (34 वर्ष), निवासी ग्राम भठली, थाना नवागढ़ को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद इलाके में चर्चित दोहरे हत्याकांड के मामले में न्यायिक कार्रवाई पूरी हुई।