Gariyaband Encounter: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में गुरुवार को सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। जहां नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में 10 नक्सलियों को ढेर किया गया है। मारे गए नक्सलियों में एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली भी शामिल है।
सुरक्षाबलों ने यह ऑपरेशन शोभा थाना और मैनपुर थाना क्षेत्र के जंगलों में चलाया। जिसे सुरक्षाबलों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता करार दिया जा रहा है। एनकाउंडर में मारे गए एक करोड़ के इनामी आतंकी का नाम कमांडर मनोज उर्फ मॉडेम बालकृष्ण उर्फ बालन्ना उर्फ रामचंद्र उर्फ राजेंद्र उर्फ गोलकोंडा राजेंद्र उर्फ चिन्नी बताया गया है।
सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में सेंट्रल कमेटी (सीसी) सदस्य मनोज उर्फ बालकृष्ण समेत 10 नक्सलियों को मार गिराया है। रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया, "गरियाबंद में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है और रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है। कुछ नक्सलियों के मारे जाने की संभावना है।"
सुरक्षा बलों ने गुरुवार सुबह गरियाबंद जिले के जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान मैनपुर थाना क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों से मुठभेड़ शुरू हो गई। रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा के मुताबिक, मुठभेड़ में रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है। इस अभियान में ई-30, एसटीएफ और कोबरा की संयुक्त टीम शामिल थी, जिन्होंने सूचना के आधार पर नक्सलियों को घेर लिया।
मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में सेंट्रल कमेटी (सीसी) सदस्य मनोज उर्फ बालकृष्ण का नाम प्रमुख है। 58 वर्षीय बालकृष्ण तेलंगाना के वारंगल जिले का रहने वाला था और नक्सली संगठन में एक बड़ा चेहरा माना जाता था। उसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम था, जिसके चलते उसकी मौत को नक्सल विरोधी अभियानों में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
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जंगलों में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है और नक्सलियों के साथ रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है। गरियाबंद पुलिस और एसपी लगातार जवानों के संपर्क में हैं और स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। इस मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है।