भारतीय सेना के जवान की हत्या का केस, NIA ने 5 नक्सलियों पर कसा शिकंजा, दाखिल की चार्जशीट

Jagdalpur Army Jawan Murder: साल 2023 में एक भारतीय सेना के जवान की हत्या में कथित संलिप्तता के लिए सीपीआई (माओवादी) आतंकी संगठन के पांच सदस्यों के खिलाफ NIA ने चार्जशीट दायर कर दी है।
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सांकेतिक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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NIA Charge Sheet: राष्ट्रीय जांच एजेंसी छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 2023 में एक भारतीय सेना के जवान की हत्या में कथित संलिप्तता के लिए सीपीआई (माओवादी) आतंकी संगठन के पांच सदस्यों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है।

आरोपियों ने भारतीय सेना के जवान की सरेआम हत्या कर दी थी, जब वह कांकेर जिले में अपने गांव में अपने परिवार से मिलने आया था। एनआईए ने इस साल मार्च महीने में सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

आरोपियों में कौन-कौन शामिल?

जगदलपुर स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दायर पूरक आरोपपत्र में, आरोपी भवन लाल जैन, सुरेश कुमार सलाम, शैलेंद्र कुमार बघेल, अंदूराम सलाम और सोनू हेमला पर मामला आरसी-13/2024/एनआईए/आरपीआर में आईपीसी, शस्त्र अधिनियम और यूए(पी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

क्या है मोतीराम अचला हत्याकांड?

फरवरी 2023 में कांकेर ज़िले के आमाबेड़ा क्षेत्र के उसेली गांव में एक मेले में भाकपा (माओवादी) के सशस्त्र कार्यकर्ताओं ने भारतीय सेना के जवान मोतीराम अचला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब सेना का जवान मोतीराम अपने परिवार से मिलने गांव आया था। तभी उसकी हत्या कर दी गई थी।

ओवरग्राउंड वर्कर थे तीन आरोपी

एनआईए की जांच में पता चला कि भवन लाल जैन, सुरेश कुमार सलाम, शैलेंद्र कुमार बघेल, आंदूराम सलाम सक्रिय ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) थे। सोनू हेमला भाकपा (माओवादी) के उत्तर बस्तर संभाग के कुयेमारी एरिया कमेटी का एक सशस्त्र कार्यकर्ता था।

बाजार में सरेआम हुई थी हत्या

एक अन्य वरिष्ठ माओवादी नेता के साथ मिलकर उन्होंने मोतीराम अचला की पहचान की। इसके बाद, एक रणनीति के तहत, स्थानीय बाजार में सेना के जवान की हत्या कर दी गई। इस घटना ने समूचे जगदलपुर को दहशत से भर दिया था।

2024 में गिरफ्तार हुआ था एक आरोपी

एनआईए ने स्थानीय लोगों के मन में दहशत पैदा करने की साजिश के सिलसिले में इस साल मार्च में सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जून में, इसने एक अन्य आरोपी आशु कोर्सा के खिलाफ भी मामले में आरोपपत्र दायर किया था, जिसे एजेंसी ने फरवरी 2024 में स्थानीय पुलिस से अपने कब्जे में ले लिया था। मामले में आगे की जांच चल रही है।