बांग्लादेशी महिला डिपोर्ट  (सोर्स- सोशल मीडिया)
दुर्ग

दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 16 साल से भारत में रह रही बांग्लादेशी महिला रीना अख्तर डिपोर्ट

Bangladeshi Woman in Durg: महिला को करीब तीन महीने पहले मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पकड़ा गया था। इसके बाद उसे रायपुर स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया था।

दिनेश कुमार चौहान, चंदू निर्मलकर

Highlights

  • आईबी और बीएसएफ के सहयोग से पूरी हुई प्रक्रिया।

  • तीन महीने पहले मुखबिर की सूचना पर पकड़ी गई थी महिला।

  • रायपुर के डिटेंशन सेंटर में रखा गया था।

Durg Police Deported Bangladeshi Woman: दुर्ग पुलिस ने भारत में अवैध रूप से निवासरत बांग्लादेशी नागरिक रीना अख्तर को वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद डिपोर्ट कर दिया है। महिला को करीब तीन महीने पहले मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पकड़ा गया था। इसके बाद उसे रायपुर स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 23 अक्टूबर को दुर्ग पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने इंटेलिजेंस ब्यूरो और सीमा सुरक्षा बल के सहयोग से उसे भारत से डिपोर्ट कराया।

वर्ष 2010 से भारत में रह रही थी महिला

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रीना अख्तर वर्ष 2010 से भारत में रह रही थी। वह काफी समय तक रायपुर में भी रही, जहां एक ब्यूटी पार्लर में काम करती थी। हाल के दिनों में वह भिलाई नगर थाना क्षेत्र में निवासरत थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ा। जांच में उसके बांग्लादेशी नागरिक होने और भारत में अवैध रूप से निवास करने की जानकारी सामने आई।

तीन महीने तक डिटेंशन सेंटर में रही

पकड़े जाने के बाद रीना अख्तर को आवश्यक प्रक्रिया के तहत रायपुर स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। मामले में निर्धारित वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दुर्ग पुलिस की एसटीएफ टीम को पश्चिम बंगाल भेजा गया। वहां आईबी और बीएसएफ के साथ समन्वय स्थापित कर 23 अक्टूबर को उसे नियमानुसार भारत से डिपोर्ट करने की कार्रवाई पूरी की गई।

भारतीय दस्तावेजों के सत्यापन और निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू

पुलिस के अनुसार, रीना अख्तर द्वारा आधार कार्ड, राशन कार्ड सहित अन्य भारतीय दस्तावेज प्राप्त किए जाने के संबंध में भी कार्रवाई की जा रही है। संबंधित विभागों के माध्यम से इन दस्तावेजों का सत्यापन कराने और नियमानुसार निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसका उद्देश्य कथित तौर पर अवैध रूप से प्राप्त दस्तावेजों के दुरुपयोग को रोकना है।

विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए अभियान जारी

दुर्ग पुलिस जिले में अवैध रूप से निवासरत विदेशी नागरिकों की पहचान, दस्तावेजों के सत्यापन और संदिग्ध मामलों में वैधानिक कार्रवाई के लिए अभियान चला रही है। पुलिस इस तरह के मामलों में संबंधित विभागों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई कर रही है।

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