छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी, 160 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य, पूर्व CM भूपेश बघेल ने उठाए थे सवाल

Chhattisgarh Paddy Procurement: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तारीख का ऐलान हो गया है। साय सरकार ने इस बार 15 नवंबर से 31 जनवरी तक धान खरीदी की तारीख तय की है।
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धान खरीदी(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Highlights

  • 15 नवंबर से 31 जनवरी 2027 धान खरीदी की तारीख।

  • सरकार ने 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का रखा लक्ष्य।

  • लाखों किसानों की निगाहें अब खरीदी केंद्रों की तैयारियों पर टिकी।

  • दिवाली से पहले किसानों को धान बेचने का मौका दिया जाए: भूपेश बघेल।

Chhattisgarh Paddy Procurement Date: छत्तीसगढ़ में धान किसानों के लिए बड़ी खबर है। साय सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तारीख तय कर दी है। प्रदेश में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू होगी जो 31 जनवरी 2027 तक चलेगी। राज्य सरकार ने इस सीजन में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का अनुमानित लक्ष्य रखा है।

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खरीदी केंद्रों की तैयारियों पर टिकी नजर

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों की निगाहें अब खरीदी केंद्रों की तैयारियों पर टिक गई हैं। धान बेचने के लिए किसानों को पंजीयन, टोकन और खरीदी केंद्रों की व्यवस्था से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। किसानों के लिए यह भी जरूरी होगा कि वे अपनी उपज बेचने से पहले संबंधित सहकारी समिति से आवश्यक जानकारी हासिल कर लें।

इस बार 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य तय किया गया है। ऐसे में खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त बारदाने, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, धान के सुरक्षित भंडारण और समय पर उठाव की व्यवस्था अहम होगी। लक्ष्य पूरा करने के साथ किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, यह भी सरकार के सामने बड़ी चुनौती रहेगी।

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पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने तैयारियों पर उठाए थे सवाल

खरीदी में देरी पर भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा था धान खरीदी की तारीख तय होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने साय सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने मांग की थी कि किसानों को दिवाली से पहले धान बेचने का मौका दिया जाए। उनका कहना था कि किसान धान बेचकर मिलने वाली रकम से त्योहार की तैयारियां करते हैं।

धान खरीदी में देरी और पंजीयन संबंधी का मुद्दा

बघेल ने धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 3,358 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग भी की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि धान खरीदी में देरी और पंजीयन संबंधी परेशानियों से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने खरीदी शुरू होने तक किसानों को अग्रिम भुगतान देने का विकल्प भी सुझाया था।

अब सरकार ने 15 नवंबर से खरीदी शुरू करने की तारीख तय कर दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में खरीदी केंद्रों की तैयारियां, किसानों का पंजीयन और उपज के उठाव की व्यवस्था पर सबकी नजर रहेगी।

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