Chhattisgarh Liquor Coal Scam Ramgopal Agarwal Raipur ED Custody : छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले की जांच तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को रिमांड पर लेने के लिए विशेष अदालत में आवेदन दिया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि अवैध रूप से अर्जित करोड़ों रुपये को ठिकाने लगाने में उनकी अहम भूमिका थी।
अदालत की अनुमति मिलने के बाद रायपुर जेल में बंद अग्रवाल से दो सदस्यीय टीम पूछताछ कर रही है। पिछले तीन साल तक फरार रहने के बाद रामगोपाल अग्रवाल ने आठ जुलाई को ईओडब्ल्यू कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
ईडी ने अदालत को बताया है कि डिजिटल साक्ष्यों और गिरफ्तार आरोपितों के बयानों से नए तथ्य सामने आए हैं। वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ने के लिए अग्रवाल से हिरासत में पूछताछ बहुत जरूरी है। हाल ही में ईओडब्ल्यू ने कोल घोटाले में छठा पूरक आरोपपत्र पेश किया है, जिसमें अग्रवाल को भी आरोपित बनाया गया है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3,000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था।
रायपुर सेंट्रल जेल में बंद अग्रवाल को विशेष कोर्ट में पेश किए जाने के बाद 7 दिनों की ईडी रिमांड पर भेजा गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि 2019 से 2023 के दौरान रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी समेत सिंडिकेट के जरिए जुटाई गई अवैध कमाई का बड़ा हिस्सा कैश के रूप में रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया गया था।
ईडी की जांच में सामने आए बयानों के अनुसार, सिंडिकेट से जुड़े लोगों के जरिए यह रकम रायपुर स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय (राजीव भवन) पहुंचाई जाती थी। चार बार समन भेजे जाने के बावजूद एजेंसी के सामने पेश न होने और पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब न देने पर ईडी ने यह कदम उठाया था। जांच एजेंसी इस मामले में पैसों की लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच को आगे बढ़ा रही है।