छत्तीसगढ़ 570 करोड़ के कोल लेवी कांड में नया मोड़, देवेंद्र यादव समेत 9 आरोपी पहुंचे कोर्ट

Chhattisgarh Coal Scam : छत्तीसगढ़ के 570 करोड़ रुपए के कोल लेवी घोटाले में EOW रायपुर की स्पेशल कोर्ट में अंतिम आरोप पत्र पेश करेगी। देवेंद्र यादव, चंद्रदेव राय समेत 9 आरोपी कोर्ट पहुंचे।
Nine accused, including Devendra Yadav, arrived at the court
छत्तीसगढ़ कोयला घोटालासोर्स - AI जनरेटेड
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Chhattisgarh Coal Levy Scam Update : छत्तीसगढ़ के 570 करोड़ रुपए के चर्चित कोल लेवी घोटाले में आज बड़ा घटनाक्रम हुआ है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) आज रायपुर की स्पेशल कोर्ट में अंतिम आरोप पत्र पेश करेगी।

मामले में आरोपी कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव समेत 9 लोग अदालत पहुंचे हैं। कोर्ट पहुंचने वालों में पूर्व विधायक चंद्रदेव राय और कांग्रेस नेता विनोद तिवारी भी शामिल हैं।

देवेंद्र यादव का तीखा हमला

अदालत परिसर में विधायक देवेंद्र यादव ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि उन्हें देश के संविधान और न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है।

देवेंद्र यादव ने कहा कि उनकी आवाज को कोई दबा नहीं सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कुशासन है और सरकार डराने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि जेल की दीवारें उनका इरादा नहीं तोड़ पाईं। वह राहुल गांधी के सिपाही हैं और हर मोर्चे पर मजबूती से खड़े रहेंगे।

नेताओं और अफसरों में बंटी रकम

जांच एजेंसी का दावा है कि वसूली का बड़ा हिस्सा नेताओं को गया। नेताओं को 65 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि दी गई। वहीं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने 36 करोड़ रुपए से अधिक प्राप्त किए। इस अवैध कमाई का इस्तेमाल अलग-अलग कामों में किया गया।

विधायक देवेंद्र यादव पर चुनाव में पैसा खर्च करने का आरोप है। पूर्व विधायक चंद्रदेव राय ने इस पैसे से गहने खरीदे थे। आईएएस अफसर जयप्रकाश मौर्य ने बेनामी संपत्तियां बनाने में पैसा लगाया। जांच एजेंसियों ने अब तक 170 करोड़ की संपत्ति सीज की है।

ऑनलाइन परमिट को किया ऑफलाइन

यह पूरा घोटाला कोयले के परिवहन से जुड़ा हुआ है। व्यापारियों से अवैध वसूली के लिए नियमों में बदलाव किया गया था। पहले कोयले के परिवहन के लिए ऑनलाइन परमिट जारी होता था। साजिश के तहत इसे ऑफलाइन व्यवस्था में बदल दिया गया।

तत्कालीन खनिज संचालक ने जुलाई 2020 में इसका आदेश जारी किया। इसके बाद कोल वाशरी संचालकों से भारी वसूली शुरू हुई। वाशरी संचालकों से 100 रुपए प्रति टन लिया जाता था। इसके अलावा 25 रुपए प्रति टन का अतिरिक्त शुल्क भी वसूलते थे।

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वॉट्सऐप चैट से खुले बड़े राज

जांच के दौरान आरोपियों के डिजिटल सबूत भी सामने आए हैं। मुख्य आरोपी और नेताओं के बीच हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट मिले हैं। वॉट्सऐप चैट से पैसों के लेन-देन की पुष्टि होती है। पूर्व विधायक चंद्रदेव राय ने पत्नी के लिए हार खरीदा था।

उन्होंने 60 ग्राम सोने के हार की फोटो भी भेजी थी। इस हार की कीमत 4 लाख 30 हजार रुपए बताई गई थी। विधायक देवेंद्र यादव की बातचीत में चुनाव खर्च का जिक्र है। उन्होंने खैरागढ़ उपचुनाव और यूपी चुनाव में यह रकम लगाई।

पुलिस अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध

घोटाले में केवल नेता और नौकरशाह ही शामिल नहीं थे। जांच में तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। आरोप है कि ये अफसर विभागीय जानकारियां सिंडिकेट तक पहुंचाते थे। इनके कहने पर कुछ गाड़ियों पर खास कार्रवाई भी की जाती थी।

एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जासूसी भी कराई गई। एक पुलिस कर्मचारी पर जांच अधिकारियों की निगरानी का आरोप लगा है। मामले में अब तक कई बड़े अफसरों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ईओडब्ल्यू अब अदालत के समक्ष ठोस सबूत पेश करने जा रही है।

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