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बिलासपुर

पाटन चुनाव विवाद मामले में बिलासपुर हाई कोर्ट की सुनवाई, 13% चार्ज हुआ सीलबंद मोबाइल

Bhupesh Baghel Election Dispute Hearing : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पाटन चुनाव विवाद में बिलासपुर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां विजय बघेल का बयान दर्ज हुआ।

घनश्याम गंधर्व, ऐश्वर्या द्विवेदी

Highlights

  • भूपेश बघेल की चुनावी याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई।

  • बिलासपुर हाई कोर्ट में विजय बघेल का बयान दर्ज हुआ।

  • भूपेश बघेल के वकीलों ने एक घंटा प्रतिपरीक्षण किया।

  • साक्ष्य में जमा मोबाइल डिस्चार्ज, कोर्ट में चार्ज हुआ।

  • भूपेश बघेल चुनाव विवाद मामले की सुनवाई 17 नवंबर को।

Bilaspur High Court Election Petition : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ेंगी या उन्हें राहत मिलेगी, इसका फैसला अभी बाकी है। पाटन विधानसभा चुनाव को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका में गुरुवार को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। दुर्ग लोकसभा सांसद और याचिकाकर्ता विजय बघेल ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। इसके बाद भूपेश बघेल की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने करीब एक घंटे तक प्रतिपरीक्षण किया।

सुनवाई के दौरान अदालत में एक दिलचस्प स्थिति भी सामने आई। चुनाव याचिका के साक्ष्य के तौर पर जमा सीलबंद मोबाइल फोन की बैटरी डिस्चार्ज होने की आशंका पर उसे कोर्ट की अनुमति से चार्ज कराया गया। करीब एक घंटे 15 मिनट तक चार्जिंग के बाद मोबाइल की बैटरी महज 13 प्रतिशत तक पहुंची। इसके बाद फोन को बंद कर दोबारा सीलबंद कर दिया गया।

कोर्ट में विजय बघेल से हुए सवाल-जवाब

5 नवंबर को जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान विजय बघेल ने चुनाव याचिका से जुड़े तथ्यों पर अपना बयान दर्ज कराया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने उनसे प्रतिपरीक्षण किया। हालांकि, सवाल-जवाब की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने अगली सुनवाई में प्रतिपरीक्षण जारी रखने का निर्देश दिया है।

75 मिनट तक चार्ज हुआ मोबाइल, बैटरी पहुंची 13 फीसदी

इस मामले में जमा मोबाइल फोन भी सुनवाई का अहम हिस्सा रहा। याचिकाकर्ता की ओर से आवेदन पेश कर बताया गया कि 17 जनवरी 2024 को मोबाइल को आर्टिकल ए-1 के रूप में साक्ष्य के तौर पर सीलबंद लिफाफे में अदालत में जमा किया गया था। लंबे समय तक बंद रहने के कारण इसकी बैटरी डिस्चार्ज होने की आशंका जताई गई।

इसके बाद अदालत ने सभी पक्षों की मौजूदगी में मोबाइल चार्ज करने की अनुमति दी। दोपहर 3:15 बजे से शाम 4:30 बजे तक मोबाइल चार्ज किया गया। तकनीकी कर्मचारी की निगरानी में बैटरी 13 प्रतिशत तक पहुंची। इसके बाद मोबाइल को बंद कर फिर से सील कर दिया गया। सीलबंद लिफाफे पर विजय बघेल, उनके अधिवक्ता और भूपेश बघेल के अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षर किए।

जानिए क्या है पूरा चुनावी विवाद?

दरअसल, दुर्ग सांसद विजय बघेल ने वर्ष 2024 में पाटन विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदान से पहले प्रचार बंद होने की निर्धारित अवधि के दौरान भूपेश बघेल ने समर्थकों के साथ पाटन क्षेत्र में रैली और रोड शो किया था।

याचिकाकर्ता का दावा है कि इस दौरान चुनावी नारे लगाए गए और मतदाताओं से वोट मांगे गए। इसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का उल्लंघन बताते हुए निर्वाचन निरस्त करने की मांग की गई है। इस कथित गतिविधि से जुड़ा वीडियो भी साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया है। हालांकि, चुनाव याचिका में लगाए गए आरोपों पर अभी अदालत में सुनवाई और साक्ष्यों की जांच जारी है। इन्हें अदालत का अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

अब 17 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

हाई कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर 2026 की तारीख तय की है। अगली तारीख पर विजय बघेल का प्रतिपरीक्षण आगे जारी रहेगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि चुनावी विवाद से जुड़े साक्ष्यों और सवाल-जवाब के दौरान अदालत में क्या नए तथ्य सामने आते हैं।

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