महादेव बुक के दूसरे बड़े प्रमोटर रवि उप्पल को दुबई में हिरासत में लिए जाने की चर्चा।
इंटरपोल के जरिए भारतीय एजेंसियों तक सूचना पहुंचने की खबर।
UAE की तरफ से अभी तक भारत को आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है।
महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ जांच में बड़ी कामयाबी।
Saurabh Chandrakar partner Ravi Uppal Arrested: महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के खिलाफ कार्रवाई के बीच एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। एप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी और उसे भारत लाए जाने के बाद अब उसके करीबी सहयोगी और बिजनेस पार्टनर रवि उप्पल को भी दुबई में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि दुबई पुलिस ने रवि उप्पल को पकड़ लिया है और इंटरपोल के माध्यम से इसकी सूचना भारतीय एजेंसियों तक पहुंची है।
हालांकि, रवि उप्पल की गिरफ्तारी को लेकर अभी तक भारत की किसी जांच एजेंसी, पुलिस या सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में फिलहाल इस खबर को सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के रूप में ही देखा जा रहा है। यदि गिरफ्तारी की खबर सही साबित होती है तो महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ जांच में इसे एक बड़ी कामयाबी माना जाएगा।
महादेव बुक सट्टा एप का नाम सामने आने के बाद से ही सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल जांच एजेंसियों के निशाने पर रहे हैं। दोनों को इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख प्रमोटर और पार्टनर बताया जाता है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर ऑनलाइन सट्टेबाजी के इस नेटवर्क को खड़ा किया और धीरे-धीरे इसका विस्तार देश के अलग-अलग राज्यों तक किया।
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद अब रवि उप्पल को लेकर सामने आई यह जानकारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसे महादेव बुक नेटवर्क का दूसरा प्रमुख प्रमोटर और सौरभ का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता है। दोनों के बीच कारोबारी साझेदारी और नेटवर्क के संचालन को लेकर जांच एजेंसियां पहले से पड़ताल कर रही हैं।
महादेव बुक ऑनलाइन सट्टा एप को लेकर देशभर में कई जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं। इस नेटवर्क पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए बड़े पैमाने पर रकम जुटाने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। मामले की जांच में कई लोगों के नाम सामने आए हैं। इसके साथ ही तौर पर इस नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेन-देन, सहयोगियों और अन्य कड़ियों की भी जांच की जा रही है।
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद अब रवि उप्पल की संभावित गिरफ्तारी की खबर ने इस पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। यदि रवि उप्पल वास्तव में दुबई में पकड़ा गया है तो भारत लाने की प्रक्रिया, प्रत्यर्पण और उससे पूछताछ के जरिए महादेव बुक के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रवि उप्पल वास्तव में दुबई पुलिस की हिरासत में है? क्या भारतीय एजेंसियों को इंटरपोल के माध्यम से इसकी सूचना मिली है? और यदि गिरफ्तारी हुई है तो उसे भारत लाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?
इन सवालों का जवाब आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा। लेकिन सौरभ चंद्राकर के बाद रवि उप्पल को लेकर सामने आई खबर ने महादेव बुक मामले में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है। अब जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।