

आरोपी सौरभ चंद्राकर को 8 दिन की CBI रिमांड।
बचाव पक्ष के वकील ने कहा- मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुआ है।
विभिन्न पहलुओं पर सौरभ से होगी पूछताछ।
ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर कोर्ट में सौरभ को किया पेश।
Mahadev Satta App Promoter Saurabh Chandrakar CBI Remand: करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर को 8 दिन की CBI रिमांड पर भेजे जाने के बाद अब बचाव पक्ष ने कानूनी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता तुषार गिरी ने कहा है कि सौरभ चंद्राकर का प्रत्यर्पण PMLA यानी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुआ है, जबकि CBI ने उसे दूसरे मामले में पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर बचाव पक्ष आगे कानूनी आपत्ति दर्ज कराएगा।
दरअसल CBI ने रायपुर की विशेष अदालत में सौरभ चंद्राकर की 10 दिन की रिमांड मांगी थी। एजेंसी का तर्क था कि मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ जरूरी है। हालांकि अदालत ने CBI की मांग पर 8 दिन की हिरासत मंजूर की। अब जांच एजेंसी सौरभ को दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय ले जाकर पूछताछ करेगी।
अदालत में सुनवाई के बाद बचाव पक्ष के वकील तुषार गिरी ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि रिमांड अवधि के दौरान सौरभ की परिवार और वकीलों से मुलाकात के लिए अदालत ने समय निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि सौरभ जांच में सहयोग करेगा और पूछताछ से बचने की कोशिश नहीं करेगा।
वकील ने प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया पर विशेष रूप से सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिस मामले में प्रत्यर्पण कराया गया है, वह PMLA से संबंधित है, जबकि अब CBI दूसरे मामले में रिमांड लेकर पूछताछ करना चाहती है। बचाव पक्ष इसी आधार पर आगे कानूनी पहलुओं को अदालत के सामने रखेगा।
इसके अलावा तुषार गिरी ने बताया कि ED की ओर से भी अदालत में एक आवेदन प्रस्तुत किया गया है, लेकिन उस पर अभी कोई आदेश नहीं आया है। गौरतलब है कि सौरभ चंद्राकर को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किए जाने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया था। अब CBI की 8 दिन की पूछताछ में महादेव सट्टा नेटवर्क, कथित वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपों से जुड़े कई अहम पहलुओं पर जानकारी जुटाने की कोशिश होगी। ऐसे में जांच के साथ-साथ बचाव पक्ष की कानूनी चुनौती पर भी सबकी नजर रहेगी।