Rikesh Sen Statement Scrap Theft Case : भिलाई इस्पात संयंत्र में लोहे की चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मंजूरी दी है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है। पुलिस ने अब तक 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।कार्रवाई के दौरान लगभग 250 टन स्क्रैप बरामद किया जा चुका है।
वैशाली नगर से बीजेपी विधायक रिकेश सेन ने बड़ा बयान दिया है। भिलाई इस्पात संयंत्र लोहा चोरी केस की जांच अब सीबीआई करेगी। विधायक ने दावा किया कि जांच आगे बढ़ने पर बड़े चेहरे सामने आएंगे। इसमें कई बड़े अधिकारी, ट्रांसपोर्टर और सफेदपोश लोग शामिल हैं। राज्य सरकार ने सीबीआई को जांच का अधिकार क्षेत्र दे दिया है।
विधायक सेन के मुताबिक लोहा चोरी का खेल बहुत बड़ा है। इसमें व्यवस्था की कमियों का गलत फायदा उठाया गया था। टेंडर की शर्तों में ऐसी व्यवस्था जानबूझकर बनाई गई थी। संयंत्र से बाहर निकलने वाले वाहनों की चेकिंग नहीं होती थी। सीआईएसएफ द्वारा ऐसे चोरी के वाहनों की जांच नहीं की जाती थी।
विधायक ने दावा किया कि इन गाड़ियों का वजन भी नहीं होता था। धर्मकांटा पर वाहनों की तौल न होना बड़ी साठगांठ दर्शाता है। गाड़ी पकड़े जाने पर ट्रांसपोर्टर पर कार्रवाई नहीं की जाती थी। इसके बजाय केवल वाहन को ब्लैकलिस्ट करके छोड़ दिया जाता था। कोविड काल के बाद से यह खेल लगातार चल रहा था।
विधायक ने कहा कि सीबीआई जांच केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित न रहे। जांच में यह सामने आना चाहिए कि माल बाहर कैसे निकलता था। निगरानी और परिवहन की व्यवस्था कौन देख रहा था, यह उजागर हो। जांच में किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका पर कार्रवाई होनी चाहिए। राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले अब बख्शे नहीं जाएंगे।
पुलिस ने मामले में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 250 टन चोरी का स्क्रैप बरामद हुआ है। सीबीआई अब पुराने रिकॉर्ड और परिवहन दस्तावेजों की पड़ताल करेगी। संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था और नेटवर्क की कड़ियों की जांच होगी। इस कदम से पूरे नेटवर्क के बेनकाब होने की उम्मीद है।