

Scrap Theft CBI Investigation Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में सीबीआई का दायरा बढ़ने के बाद बीएसपी लोहा चोरी मामला जांच के केंद्र में आ गया है। 250 टन स्क्रैप चोरी केस में 21 गिरफ्तारियों के बाद अब बड़े खुलासे की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में सीबीआई का दायरा बढ़ा दिया है। सरकार ने सीबीआई जांच के अधिकार क्षेत्र को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना भी प्रकाशित हो चुकी है।
अब प्रदेश में केंद्रीय जांच एजेंसी की सक्रियता काफी बढ़ गई है। इस फैसले का असर भिलाई इस्पात संयंत्र मामले पर पड़ेगा। पुरानी भिलाई थाने में लोहा चोरी का बड़ा मामला दर्ज हुआ है।
पुरानी भिलाई थाने में अपराध क्रमांक 277/2026 दर्ज किया गया है। बीएसपी से बड़ी मात्रा में लौह स्क्रैप चोरी किया गया था। यह चोरी का माल अकलोरडीह स्थित एक गोदाम में रखा गया था।
इसके बाद माल को रसमड़ा स्थित स्टील कंपनी में खपाया गया। पुलिस ने जांच के दौरान करीब 250 टन स्क्रैप बरामद किया। तकनीकी साक्ष्यों से चोरी के तार सीधे रसमड़ा फैक्ट्री से जुड़े।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई। अब तक कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हाल ही में रायपुर पावर एंड स्टील के एमडी विनोद गर्ग पकड़े गए।
कंपनी के डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। अदालत ने दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले 19 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी थी।
वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन ने इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने 20 जुलाई 2026 को गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा था। उन्होंने बीएसपी लोहा चोरी की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस पत्र पर आवश्यक संज्ञान भी लिया था। मामला इस्पात मंत्रालय से संबंधित होने के कारण आगे भेज दिया गया था।विधायक ने कहा कि 40 साल से लूटने वाले अब पकड़े जाएंगे।
राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद माहौल बदल गया है। बीएसपी लोहा चोरी मामले में केंद्रीय एजेंसी की भूमिका तय मानी जा रही है। स्थानीय पुलिस के बाद अब सीबीआई इस मामले की परतें खोलेगी।
संयंत्र के अंदर छुपे बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने की उम्मीद है। इस निर्णय से अवैध कबाड़ कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। आने वाले दिनों में कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।